लुधियाना: बैसाखी पर गुरु घर में मातम, निशान साहिब की सेवा के दौरान 60 फीट नीचे गिरे सेवादार की मौत
करतार नगर के गुरुद्वारा साहिब में हुआ हादसा; चोला साहिब बदलने के दौरान टूटी क्रेन की तार

लुधियाना : दुगरी रोड स्थित करतार नगर के गुरुद्वारा श्री सिंह सभा में मंगलवार को बैसाखी के पावन पर्व की खुशियां उस समय गम में बदल गईं, जब एक दर्दनाक हादसे ने गुरु घर के एक अनन्य सेवक को संगत से हमेशा के लिए छीन लिया। निशान साहिब का चोला बदलने की पवित्र सेवा के दौरान क्रेन की लोहे की तार टूटने से सेवादार मनिंदर सिंह (40) करीब 60 फीट की ऊंचाई से सीधा फर्श पर आ गिरे, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।

अंतिम गांठ बांधते समय हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 9 बजे मनिंदर सिंह हमेशा की तरह बड़े उत्साह के साथ घर से सेवा के लिए निकले थे। वे क्रेन (लिफ्ट) के सहारे करीब 80 फीट की ऊंचाई पर पहुंचे और सफलतापूर्वक नया चोला साहिब चढ़ा दिया। जब वे अंतिम गांठ बांध रहे थे, तभी अचानक क्रेन की लोहे की तार टूट गई। मनिंदर संभल नहीं पाए और पलक झपकते ही सिर के बल नीचे फर्श पर आ गिरे। मौके पर मौजूद संगत में चीख-पुकार मच गई। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

12 वर्षों से निभा रहे थे अटूट सेवा
मृतक के भाई गुरप्रीत सिंह ने रुंधे गले से बताया कि मनिंदर पिछले 12 वर्षों से पूरी श्रद्धा के साथ गुरुद्वारा साहिब में निशान साहिब की सेवा कर रहे थे। हर संक्रांति और बैसाखी पर चोला साहिब बदलने की मुख्य जिम्मेदारी उन्हीं की होती थी। परिवार ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि बैसाखी के दिन की यह सेवा उनके जीवन की आखिरी सेवा बन जाएगी।
”मनिंदर निस्वार्थ भाव से गुरु सेवा में लीन रहता था। वह सेवा को ही अपना धर्म मानता था, आज गुरु घर की सेवा करते हुए ही उसने प्राण त्याग दिए।”
— गुरप्रीत सिंह, मृतक के भाई

इलाके में शोक की लहर
हादसे के बाद पूरे इलाके और सिख संगत में शोक की लहर दौड़ गई है। गुरुद्वारा साहिब की संगत इस महान सेवादार को नम आंखों से याद कर रही है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है और क्रेन के तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है ताकि हादसे के कारणों का स्पष्ट पता चल सके।








