श्री मुक्तसर साहिब सीट पर कांग्रेस की सियासत गरमाई, टिकट को आमने-सामने आईं अमृता वड़िंग और कर्ण कौर बराड़
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो चली हैं, और राजनीतिक दलों के साथ-साथ अब पार्टियों के भीतर भी टिकट की दावेदारी को लेकर खींचतान खुलकर सामने आने लगी है। ताजा मामला कांग्रेस पार्टी का है, जहां श्री मुक्तसर साहिब विधानसभा सीट पर दो बड़ी महिला नेत्रियों के बीच टिकट के लिए अंदरूनी घमासान के संकेत मिलने लगे हैं। इस सीट पर पंजाब कांग्रेस के बड़े चेहरों में शुमार नेताओं के दांव-पेंच देखने को मिल सकते हैं।
हाल ही में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की पत्नी अमृता कौर वड़िंग ने श्री मुक्तसर साहिब से चुनाव लड़ने के स्पष्ट संकेत दिए हैं। अमृता कौर वड़िंग ने मुक्तसर के साथ अपने गहरे पारिवारिक और भावनात्मक जुड़ाव का हवाला देते हुए कहा कि यह शहर न केवल उनका मायका है, बल्कि उनका और राजा वड़िंग का जन्मस्थान भी है। उन्होंने दावा किया कि उनके परिवार को हमेशा से यहां के लोगों का भरपूर प्यार और समर्थन मिलता रहा है। अमृता कौर ने यह भी कहा कि यदि जनता का आशीर्वाद और साथ मिला, तो वह गिद्दड़बाहा की तर्ज पर मुक्तसर का चहुंमुखी विकास करना चाहेंगी। उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव में मुक्तसर सीट से उनकी मजबूत दावेदारी के रूप में देखा जा रहा है।
दूसरी तरफ, साल 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर इसी सीट से चुनाव लड़ चुकीं कर्ण कौर बराड़ ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कर्ण कौर बराड़ ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति या नेता को चुनाव लड़ने या टिकट के लिए अपनी इच्छा जाहिर करने का पूरा अधिकार है, इसलिए किसी का अपनी मंशा जताना गलत नहीं है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला पार्टी का हाईकमान ही करेगा।
अपनी वफादारी और पुरानी सियासी पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कर्ण कौर बराड़ ने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से कांग्रेस पार्टी के साथ निष्ठापूर्वक जुड़ा रहा है और पीढ़ियों से मुक्तसर की जनता की सेवा करता आ रहा है। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि पार्टी हाईकमान जिस भी उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारेगा, वह अनुशासित सिपाही की तरह पार्टी के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएंगी और अधिकृत उम्मीदवार का पूरी तन्मयता से समर्थन करेंगी।
बहरहाल, चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन मुक्तसर सीट पर अभी से टिकट की दावेदारी को लेकर जिस तरह के बयान सामने आ रहे हैं, उससे यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस के भीतर टिकट की यह जंग और अधिक दिलचस्प होने वाली है।











