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पठानकोट के 15 वर्षीय गर्वित शर्मा ने बनाया ‘Reonexa’ ऐप, बिछड़ों को तलाशने में मिली बड़ी सफलता

पठानकोट के 15 वर्षीय गर्वित शर्मा ने बनाया ‘Reonexa’ ऐप, बिछड़ों को तलाशने में मिली बड़ी सफलता

​पठानकोट के रहने वाले 15 वर्षीय 10वीं कक्षा के छात्र गर्वित शर्मा ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर एक अनूठा मोबाइल ऐप ‘Reonexa’ तैयार किया है। इस ऐप को बनाने का विचार गर्वित के मन में तब आया जब उनके एक करीबी रिश्तेदार अचानक लापता हो गए थे और सरकारी पोर्टलों व पुलिस थानों के चक्कर काटने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई या मदद समय पर नहीं मिल पा रही थी।

इसी समस्या से प्रेरणा लेकर गर्वित ने इस ऐप का निर्माण किया, ताकि लोग अपने बिछड़े हुए अपनों को चुटकियों में आसानी से ढूंढ सकें।

​यह ऐप गूगल प्ले स्टोर, ऐप गैलरी और अन्य प्रमुख ऐप स्टोर्स पर वैश्विक स्तर पर उपलब्ध है। गर्वित की इस शानदार उपलब्धि पर भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ-साथ अमेरिका सरकार ने भी सराहना की है, और उन्हें यूएसए से लगभग 1,000 डॉलर का इमर्जेंट वेंचर ग्रांट भी प्राप्त हुआ है। इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें एआई (AI) फेशियल रिकग्निशन और एआई वेब क्रॉलर्स फीचर्स का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी मदद से मामले दर्ज होते ही वैश्विक स्तर पर सोशल मीडिया अकाउंट्स और अन्य प्लेटफॉर्म्स से पैटर्न ट्रेस करके तुरंत जानकारी मिल जाती है।

​महज 4 महीनों की कड़ी मेहनत और समर वैकेशन के दौरान अपनी लगन से इस ऐप को विकसित करने वाले गर्वित को न्यूयॉर्क एकेडमी ऑफ साइंसेज की सदस्यता भी मिल चुकी है, जो कि इतनी कम उम्र में एक बहुत बड़ी बात है। अपनी पढ़ाई के साथ-साथ इस बड़े प्रोजेक्ट को संभालने वाले गर्वित का मानना है कि आज की युवा पीढ़ी को रील्स या फोन पर समय बर्बाद करने के बजाय खुद कुछ नया करना चाहिए, क्योंकि आने वाली पीढ़ी को पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनानी है।

Ami News
Author: Ami News

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