पठानकोट बना पंजाब का पहला ‘सुरक्षित जिला’, 95-95-95 के तीनों लक्ष्य किए हासिल
- स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और MD NHM साक्षी साहनी ने किया सम्मानित
- सिविल सर्जन डॉ. सुनीता शर्मा की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग को मिली बड़ी उपलब्धि
पठानकोट/चंडीगढ़:जिला पठानकोट ने एचआईवी/एड्स (HIV/AIDS) की रोकथाम, जांच और इलाज के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। पठानकोट पूरे पंजाब राज्य में पहला ‘सुरक्षित जिला’ (SURAKSHIT District) बनने का गौरव प्राप्त कर चुका है। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान सिविल सर्जन डॉ. सुनीता शर्मा की योग्य अगुवाई में पठानकोट जिले को इस गौरवशाली उपलब्धि के लिए ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की प्रबंध निदेशक (MD) साक्षी साहनी द्वारा प्रदान किया गया।
NACO के 95-95-95 लक्ष्यों को किया हासिल
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) द्वारा एचआईवी/एड्स उन्मूलन के लिए 95-95-95 के तीन मुख्य लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं:
- पहला 95%: एचआईवी पीड़ित 95 प्रतिशत लोगों की समय पर पहचान और टेस्टिंग करना।
- दूसरा 95%: पहचाने गए 95 प्रतिशत मरीजों को एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) इलाज से जोड़ना।
- तीसरा 95%: इलाज के अधीन 95 प्रतिशत मरीजों के वायरल लोड को नियंत्रित (Viral Suppression) करना।
पठानकोट स्वास्थ्य विभाग ने इन तीनों कठिन लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत हासिल कर दिखाया है।
विशेष अभियानों से मिली सफलता
इस लक्ष्य को पाने के लिए जिले में कई विशेष स्वास्थ्य गतिविधियां चलाई गईं। इनमें इंडेक्स टेस्टिंग, एकीकृत स्वास्थ्य शिविरों (Integrated Health Camps) का आयोजन, इलाज छोड़ चुके मरीजों को खोजकर दोबारा इलाज से जोड़ना और विशेष वायरल लोड टेस्टिंग कैंप लगाना शामिल रहा।
टीम वर्क और दूरदर्शी नेतृत्व की जीत
सिविल सर्जन डॉ. सुनीता शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि डिप्टी कमिश्नर डॉ. पल्लवी के दिशा-निर्देशों में इस अभियान को सफलता मिली। इसमें जिला अस्पताल, DH-SMO डॉ. सुनील चंद, DTO/DACO डॉ. श्वेता गुप्ता और ART SMO डॉ. परविंदर कौर का विशेष योगदान रहा।
ब्लॉक स्तर पर घरोटा से डॉ. संदीप कुमार, सुजानपुर से डॉ. गुरबचन सिंह, नरोट जैमल सिंह से डॉ. विनय जमवाल, बधानी से डॉ. अमनदीप और RSD से डॉ. जसविंदर पाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
साथ ही ART स्टाफ (आशू, मोनिका, कमलजीत, रमन, मनमीत), ICTC स्टाफ (सुमन, नवजोत, नवनीत, उपासना), DSRC से दीपिका, OST टीम (डॉ. नितिन, रविंदर, संदीप, घनश्याम, प्रभा), TI मैनेजर्स (शोभा, अमनदीप), SSK टीम (सपना, गोल्डी, दिलबाग) और CSC मैनेजर्स (पुनीत, सारिका) की मेहनत से यह मुकाम संभव हो सका है।
डॉ. सुनीता शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि पूरे पठानकोट जिले के लिए गर्व का विषय है और भविष्य में भी जिले के निवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है।












