पठानकोट के हरियाल में खड्ड का प्राकृतिक बहाव बदलकर कमर्शियल प्लॉट बनाने की तैयारी, विभागों की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
खनन विभाग की अनुमति का कोई रिकॉर्ड नहीं, बरसात में खतरे की आबोहवा
पठानकोट के हरियाल इलाके में नेशनल हाईवे के किनारे एक बरसाती खड्ड के प्राकृतिक बहाव को बदलने की गंभीर कोशिश सामने आ रही है। मौके पर खड्ड की तरफ लंबी आरसीसी दीवार बनाई गई है और उसके साथ लगती जगह में भारी मिट्टी डालकर उसे समतल किया जा रहा है, जिससे व्यावसायिक दुकानें बनाने की पूरी तैयारी प्रतीत हो रही है। स्थानीय स्तर पर यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या भराई के लिए लाई जा रही मिट्टी की अनुमति खनन विभाग से ली गई है या नहीं, हालांकि अब तक ऐसी किसी भी अनुमति की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
बरसात के इस मौसम में इस खड्ड में पानी का तेज बहाव रहता है, ऐसे में प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि दीवार और भराई से पानी का रास्ता कितना बदलेगा और तेज बारिश के दौरान इसका आसपास की जमीन तथा नेशनल हाईवे पर क्या असर पड़ सकता है। इस संबंध में जब खनन विभाग के एसडीओ कंवर पाल से संपर्क किया गया, तो उनका कहना था कि वह जूनियर इंजीनियर को मौके पर भेज रहे हैं, लेकिन उसके बाद लगातार संपर्क न हो पाने के कारण विभाग की निरीक्षण रिपोर्ट या कार्रवाई की स्थिति की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।
जांच के घेरे में निर्माण कार्य
अब मुख्य सवाल खनन विभाग, ड्रेनेज विभाग और जिला प्रशासन से यह है कि क्या इस व्यावसायिक निर्माण और मिट्टी की भराई की कोई आधिकारिक अनुमति ली गई है या नहीं, और क्या बरसाती खड्ड के बहाव का कोई तकनीकी आकलन किया गया है।
ऐ एमआई न्यूज़ (AMI News) इस मामले में संबंधित विभागों का पक्ष और जमीनी हकीकत जल्द ही सामने लेकर आएगा, ताकि स्थानीय नागरिकों को इस गतिविधि से जुड़े तमाम पहलुओं की सटीक जानकारी मिल सके।











