पतंजलि घी में मिलावट के आरोप 100 फीसदी झूठे: बाबा रामदेव, विदेशी MNCs पर साधा निशाना
पतंजलि देसी घी की गुणवत्ता को लेकर हाल ही में उठे सवालों और विवादों के बीच योग गुरु बाबा रामदेव ने बुधवार को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कंपनी का कड़ा पक्ष रखा। उन्होंने पतंजलि घी में किसी भी प्रकार की मिलावट के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें 100 प्रतिशत झूठा करार दिया है।
रामदेव ने चुनौती देते हुए कहा कि कंपनी के इस उत्पाद की दुनिया की किसी भी अधिकृत और प्रमाणित लैब में निष्पक्ष जांच करवाई जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पतंजलि की लगातार बढ़ती कारोबारी ताकत और बाजार में मजबूत होती मौजूदगी से घबराकर कुछ विदेशी बहुराष्ट्रीय कंपनियां (MNCs) उसका अक्स खराब करने की गहरी साजिश रच रही हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि पतंजलि देसी घी में हड्डी, चर्बी, वनस्पति तेल या किसी भी अन्य प्रकार की हानिकारक चीज़ों की मिलावट का दावा पूरी तरह से बेबुनियाद और गलत है। कंपनी अपने उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता को लेकर बेहद सतर्क है और नियमित तौर पर सख्त जांच करवाती है।
रुद्रपुर स्थित सरकारी प्रयोगशाला में घी के एक नमूने के मानकों पर खरा न उतरने से जुड़े सवाल पर रामदेव ने पूरी जांच प्रक्रिया की सत्यता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल एक नमूने की गलत, त्रुटिपूर्ण और गैर-कानूनी तरीके से जांच कर पतंजलि के शुद्ध गाय के घी को जानबूझकर बदनाम करने का कुत्सित प्रयास किया गया है।
इस पूरे विवाद के बावजूद कंपनी के व्यापार पर पड़े असर पर बात करते हुए रामदेव ने बड़ा दावा किया कि इन तमाम अफवाहों और विवादों का पतंजलि घी की बिक्री पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने के बजाय उल्टा असर हुआ है। उन्होंने बताया कि कंपनी के घी की बिक्री में और अधिक इजाफा हुआ है, जो इस बात का प्रमाण है कि देश के आम उपभोक्ताओं का अटूट भरोसा आज भी पूरी तरह से पतंजलि के साथ मजबूती से बना हुआ है।











