नूरपुर: 10 साल से कम सेवाकाल वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने उठाई पेंशन की मांग
महासंघ ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से जल्द फैसला लेने की गुहार लगाई, करीब 3,000 कर्मचारी हैं प्रभावित
नूरपुर:नूरपुर में 10 साल से कम सेवाकाल वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपनी पेंशन और मानदेय की मांग को लेकर एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राज्य सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजीव गुलेरिया ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा करीब 4 साल पहले दिए गए आश्वासन के बावजूद अभी तक इस मामले में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
मुख्य हाइलाइट्स:
- चार साल पुराना आश्वासन: महासंघ के अनुसार, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने फतेहपुर दौरे के दौरान इन कर्मचारियों को वृद्धावस्था मानदेय या पेंशन देने का वादा किया था, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
- प्रभावित कर्मचारियों की स्थिति: इस समस्या से प्रभावित कर्मचारियों की उम्र इस समय 67 से 70 वर्ष के बीच है और उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं। कम सेवाकाल के कारण इन्हें अभी तक कोई वित्तीय सहायता या पेंशन नहीं मिल पाई है।
- लगभग 3,000 कर्मचारी हैं प्रभावित: इस वर्ग के तहत प्रदेशभर में लगभग 3,000 कर्मचारी आते हैं, जिन्होंने अपनी सेवाएँ दी हैं और अब वृद्धावस्था में सम्मानजनक जीवनयापन के लिए पेंशन की मांग कर रहे हैं।
- हालिया पत्र और प्रेस वार्ता: संगठन ने हाल ही में (8-9 तारीख को) मुख्यमंत्री को एक रजिस्टर्ड पत्र प्रेषित किया है, जिसके बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया गया।
सरकार से त्वरित निर्णय की अपील
महासंघ ने चेतावनी दी है कि आगामी चुनावों का समय नजदीक आ रहा है, इसलिए सरकार को इस गंभीर मुद्दे पर जल्द से जल्द नीति बनाकर क्लास-1 से क्लास-4 तक के इन कर्मचारियों के लिए मानदेय या पेंशन का प्रावधान करना चाहिए।











