डेंगू के बढ़ते खतरे पर स्वास्थ्य विभाग का ‘हल्ला बोल’: घर-घर चेकिंग और फॉगिंग जारी, जानें बचाव के उपाय
गुरदासपुर : बरसात और मौजूदा मौसम के बीच डेंगू और मच्छर जनित बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। इस खतरे से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर में ‘हल्ला बोल’ मुहिम शुरू कर दी है। सिविल सर्जन डॉ. महेश कुमार प्रभाकर के नेतृत्व में विभाग की टीमें घर-घर, फैक्टरियों और निर्माणधीन साइटों पर पहुंचकर लार्वा की जांच कर रही हैं। पंजाब सरकार के निर्देशानुसार हर हफ्ते सोमवार और शुक्रवार को विशेष एंटी-लार्वा गतिविधियां चलाई जा रही हैं।
शहरी और ग्रामीण इलाकों में मिले चौंकाने वाले आंकड़े
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़े बताते हैं कि डेंगू का लार्वा अब केवल शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों में भी पैर पसार रहा है:
- शहरी क्षेत्र: विभाग ने 1,12,473 घरों की चेकिंग की, जिनमें से 2,507 घरों में लार्वा मिला। साथ ही, 3,41,552 पानी के कंटेनरों की जांच के दौरान 2,783 कंटेनरों में लार्वा पनपता पाया गया।
- ग्रामीण क्षेत्र: गांवों में 1,09,727 घरों की जांच में 957 घरों और 2,11,549 कंटेनरों में से 1,100 कंटेनरों में लार्वा मिला।
- त्वरित कार्रवाई: स्वास्थ्य टीमों ने मौके पर ही सभी जगहों से लार्वा को नष्ट कर दिया है और लोगों को सख्त हिदायतें दी हैं।
बुखार को बिल्कुल न करें नजरअंदाज: डॉ. ममता
जिला एपिडिमोलॉजिस्ट डॉक्टर ममता ने चेतावनी दी है कि बदलते मौसम में किसी भी प्रकार के बुखार को हल्के में न लें। यदि किसी को तेज बुखार या बदन दर्द की शिकायत है, तो तुरंत डेंगू की जांच करवाएं। राहत की बात यह है कि यह जांच जिले के सभी आम आदमी क्लीनिकों और सरकारी अस्पतालों में बिल्कुल मुफ्त की जा रही है।
डेंगू के मुख्य लक्षण
सिविल सर्जन डॉ. महेश कुमार प्रभाकर ने लोगों से अपील करते हुए डेंगू के प्रमुख लक्षणों की जानकारी दी:
- अचानक तेज बुखार आना
- आंखों के पिछले हिस्से में तेज दर्द
- जोड़ों और मांसपेशियों में गंभीर दर्द
- जी मिचलाना या उल्टी आना
- त्वचा पर लाल रंग के चकत्ते (रैश) उभरना
बचाव के खास उपाय (‘ड्राई डे’ अपनाएं)
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- कूलर और बर्तन साफ रखें: छतों पर रखे पुराने टायर, गमले और कूलरों में पानी जमा न होने दें। हर शुक्रवार को ‘ड्राई डे’ के रूप में मनाएं और कूलरों का पानी पूरी तरह सुखाकर साफ करें।
- सुरक्षात्मक कपड़े: शरीर को पूरी तरह ढकने वाले पूरी बांह के कपड़े पहनें।
- मच्छर से बचाव: सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें या मॉस्किटो रेपेलेंट क्रीम लगाएं।
- खुद न लें दवा: बुखार होने पर केमिस्ट से खुद दवा लेने के बजाय सरकारी डॉक्टर की सलाह लें और समय पर इलाज शुरू करवाएं।
विशेष अपील: स्वास्थ्य विभाग की टीमें आपके स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए लगातार फील्ड में कार्य कर रही हैं। लार्वा मिलने पर सहयोग करें और अपने आसपास पानी एकत्र न होने दें। सजग रहें, सुरक्षित रहें।











