नूरपुर में 500 बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे: खेलकूद प्रतियोगिता में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग नदारद, कवरेज कर रहे पत्रकारों से अभद्रता
नूरपुर:नूरपुर जोन की अंडर-19 खेलकूद प्रतियोगिता में करीब 500 खिलाड़ियों की सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है। प्रतियोगिता में 50 से ज्यादा स्कूलों के बच्चे मैदान में पसीना बहा रहे हैं, लेकिन मौके से पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरी तरह गायब हैं। हैरानी की बात यह है कि स्कूल प्रशासन का दावा है कि उन्होंने पहले ही दोनों विभागों को लिखित चिट्ठी भेज दी थी और इसकी रिसीविंग भी उनके पास मौजूद है, जबकि दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग पत्र मिलने से साफ इंकार कर रहा है।
व्यवस्था की खुली पोल और हंगामा
व्यवस्था की पोल तब खुली जब ग्राउंड पर कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों के सामने ही कुछ लोगों ने परिसर में घुसकर मारपीट की और वीडियो बना रहे पत्रकार का मोबाइल छीनने की कोशिश की। प्राथमिक उपचार के नाम पर भी स्कूल प्रबंधन अपने स्तर पर केवल खानापूर्ति करता नजर आया।
क्या है आयोजकों का पक्ष?
आयोजक स्कूल की प्रतिनिधि ने बताया कि अंडर-19 बॉयज का यह टूर्नामेंट 12 से 14 तारीख तक जीएसएस जसूर में चल रहा है। उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट से दो दिन पहले ही सभी संबंधित विभागों को पूरा प्रोटोकॉल फॉलो करते हुए लिखित रूप से सूचित कर दिया गया था। इसके बावजूद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई सहयोग नहीं मिला। आयोजकों का कहना है कि यह बच्चों के खेलकूद की बेहद संवेदनशील उम्र (अंडर-19) है, ऐसे में मैदान पर 24 घंटे पुलिस सुरक्षा और मेडिकल सहायता होनी चाहिए थी, लेकिन संडे के दिन बच्चों को चोट लगने पर ले जाने के लिए भी कोई प्रशासनिक व्यवस्था मौजूद नहीं है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी खिलाड़ी के साथ कोई अनहोनी या गंभीर हादसा हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती? कागजी दावों और बयानों के इस खेल में आखिर बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है?











