AMI News: पठानकोट के शांत विहार में अवैध निर्माण पर विवाद, निगम और आर्मी के रोकने के बावजूद लेंटर का काम जारी
पठानकोट:पठानकोट के मिशन रोड स्थित शांत विहार इलाके में नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से गैर-कानूनी निर्माण कार्य करवाया जा रहा है, जिसे रोकने में नगर निगम के अधिकारी पूरी तरह फेल साबित हुए हैं। निगम अधिकारियों के अनुसार, पिछले 5 महीने से जारी इस मकान के निर्माण को 5 से अधिक बार रोका जा चुका है, लेकिन कोठी का निर्माण करवा रहे व्यक्ति ने काम बंद नहीं किया। रविवार की छुट्टी का फायदा उठाकर एक बार फिर लेंटर डालने का काम शुरू करवा दिया गया।
आर्मी की लीगल टीम और नगर निगम की कार्रवाई
सेना के एम्युनिश डेपो के आसपास 1 हजार मीटर का क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील और प्रतिबंधित घोषित किया गया है, जहां बिना अनुमति के निर्माण कार्य प्रतिबंधित है। रविवार को सूचना मिलने पर सेना की लीगल विंग की टीम मौके पर पहुंची और चल रहे निर्माण को बंद करवाया। हालांकि, सेना की टीम के निकलते ही निर्माण कार्य फिर शुरू हो गया। इसके बाद मौके पर पहुंचे नगर निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने काम बंद करवाया, लेकिन उनके जाते ही काम फिर से शुरू हो गया।
सीलिंग के पोस्टर फाड़े, सोमवार को होगी सीलिंग
नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच ने इस अवैध निर्माण को कई बार बंद करवाया और नोटिस दिए। गत 2 जून को उपायुक्त डॉ. पल्लवी के निर्देशों पर दूसरी बार निर्माण बंद करवाया गया था। सीलिंग के बाद मौके पर लगाए गए आधिकारिक आदेशों के पोस्टरों को अज्ञात तत्वों द्वारा हटा दिया गया, जो प्रशासनिक आदेशों की खुली अवहेलना है। बिल्डिंग इंस्पेक्टर समीर डोगरा ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सोमवार को इस पूरी इमारत को सील करने के आदेश जारी किए जा रहे हैं।
शिकायतकर्ता योगराज शर्मा के गंभीर आरोप
मामले को लेकर शिकायतकर्ता योगराज शर्मा ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पठानकोट एक संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र है, जहां पूर्व में एयरफोर्स बेस पर बड़ा आतंकी हमला हो चुका है। ऐसे शहर में बिना मंजूरी अवैध निर्माण होना सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों द्वारा नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और नगर निगम के उच्च अधिकारी इसमें मिले हुए हैं। योगराज शर्मा ने दावा किया कि उनके पास अधिकारियों की मिलीभगत के पुख्ता सबूत और रिकॉर्डिंग मौजूद हैं, जिन्हें समय आने पर सामने लाया जाएगा। इस संबंध में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, पंजाब के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पठानकोट के डिप्टी कमिश्नर और नगर निगम को साक्ष्यों सहित लिखित शिकायतें भेजी जा चुकी हैं।
आर्मी से चल रहा केस, अदालत का फैसला मंजूर: अशोक वर्मा
कोठी का निर्माण करवा रहे अशोक वर्मा ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने कुछ समय पहले यहां प्लॉट खरीदा था, और उससे पहले भी वहां कई कोठियों का निर्माण हो रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बेवजह तंग किया जा रहा है और बार-बार निर्माण बंद करवाया जा रहा है। आर्मी ने पहले से उन पर केस कर रखा है, और अदालत का जो भी फैसला आएगा, वह उन्हें मंजूर होगा।











