वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

चंडीगढ़ बॉर्डर पर किसानों का हल्लाबोल, सरकार की नीतियों के खिलाफ उग्र प्रदर्शन

चंडीगढ़ बॉर्डर पर किसानों का हल्लाबोल, सरकार की नीतियों के खिलाफ उग्र प्रदर्शन

​पंजाब और केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ किसानों का गुस्सा लगातार उग्र रूप लेता जा रहा है। मोहाली और चंडीगढ़ बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले हजारों किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारी किसानों का साफ कहना है कि बिजली बिल, पानी की समस्या, लैंड पूलिंग और किसान विरोधी नीतियों के कारण आम जनता और किसानों का भारी नुकसान हो रहा है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो इस आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।

​इस पूरे मामले पर जब एएमआई न्यूज़ की टीम ने भारतीय किसान मोर्चा के जनरल सेक्रेटरी बलवंत सिंह औलख से खास बातचीत की, तो उन्होंने अपनी मुख्य मांगों और सरकार के खिलाफ रोष को खुलकर सामने रखा। बलवंत सिंह औलख ने बताया कि पंजाब और केंद्र सरकार दोनों ही किसानों की समस्याओं पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही हैं, जिसके कारण आज संयुक्त मोर्चे को मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ा है।

​उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष केवल किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे मोहाली, चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के दुकानदारों, मजदूरों और आम नागरिकों की रोजी-रोटी भी सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है। पानी की गंभीर समस्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारी तत्वों और नाइट्रेट के कारण भूजल इतना दूषित हो चुका है कि वह इंसानों और जानवरों के पीने योग्य नहीं बचा है। इसलिए करीब 25 साल पुरानी पानी की नहरों (वाटर चैनलों) की नीति की दोबारा समीक्षा की जानी चाहिए और धारा 78, 79 और 80 को रद्द किया जाना चाहिए।

​इसके अलावा, किसानों की मुख्य मांगों में संपूर्ण कर्ज माफी, फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी, गलत बिजली बिलों के संशोधनों को लागू करना और गन्ने का बकाया उचित भाव (500 रुपये प्रति क्विंटल) जल्द से जल्द देना शामिल है। किसान नेताओं ने चेताया है कि यदि सरकारें इसी प्रकार कॉरपोरेट घरानों और बिल्डरों को फायदा पहुंचाने वाली लैंड पूलिंग जैसी नीतियां लाती रहीं और कृषि प्रधान देश की जमीनों को बर्बाद करती रहीं, तो आने वाले चुनावों में इन सरकारों को इसका कड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

Ami News
Author: Ami News

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!