झंडूता में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा और रिकॉर्ड से छेड़छाड़: पूर्व तहसीलदार और पटवारी समेत 6 पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज
बिलासपुर जिले के झंडूता उपमंडल से एक बड़ा प्रशासनिक और कानूनी मामला सामने आया है, जहां न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (जेएमआईसी) झंडूता के आदेशों के बाद पुलिस ने तत्कालीन तहसीलदार, रिकॉर्ड कीपर और पटवारी समेत कुल 6 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई की चपेट में वर्ष 2016-17 के दौरान तैनात रहे तत्कालीन तहसीलदार, तत्कालीन रिकॉर्ड कीपर, वर्ष 2021 में जेजवीं पटवार हलके के पटवारी के अलावा गांव खेड़ी के तीन स्थानीय निवासी (जिनमें एक लंबरदार भी शामिल है) आए हैं।
मामले की शुरुआत 9 सितंबर 2008 को हुई थी जब शिकायतकर्ता धनी राम के दिवंगत भाई ने बिलासपुर के उपायुक्त को शिकायत दी थी कि गांव खेड़ी में खसरा नंबर 146/98 की करीब 1 बीघा 10 बिस्वा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है। प्रारंभिक जांच और अतिक्रमण चिह्नित किए जाने के बाद आरोपियों को बेदखल करने के लिए ‘मिसल नंबर 31/13’ तैयार की गई थी। शिकायतकर्ता का गंभीर आरोप है कि आरोपियों में शामिल एक लंबरदार ने तत्कालीन तहसीलदार और रिकॉर्ड कीपर के साथ मिलीभगत करके इस मूल फाइल को ही तहसील कार्यालय से गायब या नष्ट करवा दिया और जानकारी मांगने पर हमेशा टरका दिया जाता रहा।
जब 2019 में मामला दोबारा उठाया गया, तो 13 अगस्त 2021 को तत्कालीन पटवारी की मदद से एक नई मिसल (नंबर 19/21) तैयार की गई, जिसमें आरोपियों को फायदा पहुंचाने के लिए 1 बीघा 10 बिस्वा के अतिक्रमण को घटाकर मात्र 10 बिस्वा दर्शा दिया गया, जबकि वास्तविक अवैध कब्जा 2 बीघा से अधिक बताया गया है। प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर कोई संतोषजनक कार्रवाई न होने पर तंग आकर शिकायतकर्ता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद कोर्ट के सख्त निर्देशों पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद से पूरे जिले के प्रशासनिक और राजस्व हलकों में हड़कंप मचा हुआ है।











