पठानकोट में ओवरलोड और बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों का आतंक, प्रशासन की अनदेखी से मंडरा रहा बड़ा खतरा
पठानकोट शहर के भीतर ओवरलोडिंग, बिना नंबर प्लेट के वाहन और लापरवाही से चल रहे ट्रैक्टर-ट्रालियों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। शहर के विभिन्न हिस्सों में ईंटों और अन्य निर्माण सामग्री से भरी ट्रालियां बिना किसी कवर (डाला) या सुरक्षा इंतजाम के दौड़ रही हैं, जिसके कारण राहगीरों और वाहन चालकों की जान पर हर वक्त खतरा मंडराता रहता है।
- लापरवाह परिवहन: शहर के मुख्य मार्गों से गुजरने वाले कई भारी वाहन और ट्रैक्टर-ट्रालियां पूरी तरह ओवरलोड हैं और उनके पीछे सुरक्षा के लिए कोई डाला या बैरिकेड नहीं लगा है।
- सड़कों पर गिरती ईंटें: इन अनियंत्रित वाहनों से ईंटें और सामग्रियां अक्सर सड़क पर बिखर जाती हैं, जिससे आए दिन बड़े हादसे होने की पूरी संभावना बनी रहती है। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, हाल ही में ट्रॉली से गिरी ईंटों की चपेट में आने से स्कूटी सवार दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
- बिना नंबर के वाहन: हैरानी की बात यह है कि सड़कों पर धड़ल्ले से घूम रहे कई ट्रैक्टरों और ट्रालियों पर कोई रजिस्ट्रेशन नंबर तक दर्ज नहीं है, जिससे यदि कोई दुर्घटना हो जाए तो वाहन की पहचान करना बेहद मुश्किल हो जाता है।
- तूड़ी वाले चौक की स्थिति: तूड़ी वाले चौक से शहर के अंदर प्रवेश करने वाले ऐसे तमाम वाहन बिना किसी डर के यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों ने जिला प्रशासन से कड़ी मांग की है कि ऐसे ओवरलोड और बिना नंबर वाले वाहनों पर तुरंत शिकंजा कसा जाए, ताकि शहरवासियों की जान को सुरक्षित रखा जा सके और किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।











