लाखों की लागत से बना भदरोआ मोहल्ला पार्क बदहाल, टूटे झूले और गंदगी ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें
– पंजाब सरकार द्वारा नवनिर्मित पार्क कुछ ही समय में हुआ खंडहर में तब्दील
– उद्घाटन के बाद फोटो खिंचवाकर गायब हुए नेता, सुध लेने वाला कोई नहीं
प्रमुख बिंदु:
- लाखों का खर्चा पानी में: पंजाब सरकार के निर्देश पर भदरोआ मोहल्ला (टंकी वाला मोहल्ला) में नवनिर्मित पार्क पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे, जो आज बदहाली की भेंट चढ़ चुका है।
- जानलेवा साबित हो रहे झूले: पार्क में लगाए गए झूले पूरी तरह टूट चुके हैं। स्थिति यह है कि यदि कोई बच्चा या व्यक्ति इन पर झूलने या कसरत करने की कोशिश करे, तो वह किसी बड़े हादसे का शिकार हो सकता है।
- गंदगी और बड़ी घास का साम्राज्य: पार्क के अंदर घास इतनी बढ़ चुकी है कि वहां घूमना तो दूर, अंदर जाना भी दूभर हो गया है। इसके अलावा जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।

भदरोआ मोहल्ला (टंकी वाला मोहल्ला) के स्थानीय निवासी इन दिनों भारी प्रशासनिक लापरवाही का सामना कर रहे हैं। क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और बच्चों के खेलने के लिए पंजाब सरकार द्वारा बनवाए गए पार्क की हालत आज बेहद दयनीय हो चुकी है।
पार्क के निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि यहाँ जनता के टैक्स के पैसों का किस प्रकार दुरुपयोग हुआ है। यहाँ बच्चों के खेलने के लिए लगाए गए झूले या तो टूट चुके हैं या फिर टूटने की कगार पर हैं। रखरखाव के अभाव में पूरा पार्क झाड़ियों और कूड़ेदान में बदल चुका है। पार्क में चारों तरफ फैली बड़ी-बड़ी घास और गंदगी के कारण अब यहाँ बच्चों का आना-जाना बिल्कुल बंद हो गया है।
नेताओं की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल:
स्थानीय जनता में इस बात को लेकर भारी रोष है कि जिस समय इस पार्क का निर्माण कराया गया था, तब उद्घाटन के नाम पर तमाम नेता अपनी पीठ थपथपाने और तस्वीरें खिंचवाने आए थे। लेकिन उसके बाद से आज तक किसी भी जिम्मेदार नेता या अधिकारी ने इस पार्क की सुध नहीं ली।
न तो टूटे हुए झूलों की मरम्मत कराई गई और न ही पार्क की साफ-सफाई पर कभी ध्यान दिया गया। जनता सवाल पूछ रही है कि आखिर वे नेता अब कहाँ गायब हैं जो विकास के बड़े-बड़े दावे कर रहे थे?
मोहल्लेवासियों ने प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से पुरजोर मांग की है कि जल्द से जल्द इस पार्क का कायाकल्प किया जाए, अन्यथा यह जर्जर ढांचा किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।












