ऑपरेशन सिंदूर का बड़ा खुलासा: जनरल चौहान बोले— भारत ने किरिना हिल्स को नहीं बनाया था निशाना, रात के समय इसलिए चुना गया था बहावलपुर
पूर्व प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (CDS) जनरल अनिल चौहान (सेवानिवृत्त) ने स्पष्ट किया है कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान की ‘किरिना हिल्स’ को निशाना नहीं बनाया था।
- भारत ने 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए मई 2025 में पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था।
- इस सैन्य अभियान में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे।
- नई दिल्ली: पूर्व प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (CDS) जनरल अनिल चौहान (सेवानिवृत्त) ने मंगलवार को एक बातचीत के दौरान कहा कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान की किरिना हिल्स को “निशान नहीं बनाया”। किरिना हिल्स वह जगह है जहां कथित तौर पर एक परमाणु प्रतिष्ठान स्थित है।
- जनरल चौहान के अनुसार, सरगोधा की ओर कई आत्मघाती ड्रोन भेजे गए थे और इनमें से एक ड्रोन अपनी उड़ान क्षमता खोने के बाद नीचे गिरकर एक पहाड़ी से टकरा गया होगा। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और उसके बाद के हालातों पर बात करते हुए एयर मार्शल ए.के. भारती का भी समर्थन किया।
- एयर मार्शल भारती का बयान: एयर मार्शल भारती ने पिछले साल 12 मई को वायुसेना के ‘वायु संचालन महानिदेशक’ (डीजीएओ) के रूप में पत्रकारों से कहा था कि “हमने किरिना हिल्स पर हमला नहीं किया है, चाहे वहां कुछ भी रहा हो”। 31 जुलाई को उप वायुसेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हुए एयर मार्शल भारती से उन अफवाहों के बारे में पूछा गया था जिनमें कहा गया था कि भारत ने जवाबी कार्रवाई के दौरान उस जगह पर हमला किया जहाँ परमाणु हथियार भंडारण केंद्र था।
- ड्रोन और पाकिस्तानी मीडिया का भ्रम: पूर्व सीडीएस ने समझाया कि किरिना हिल्स सरगोधा से लगभग 10 किलोमीटर उत्तर में है। ये ड्रोन रडार को ढूंढ रहे थे और इनकी एक समय-सीमा होती है (लगभग दो घंटे तक हवा में मंडराना)। यदि कोई लक्ष्य नहीं मिलता है, तो ये नीचे आकर कहीं टकरा जाते हैं। हो सकता है कि इनमें से एक ड्रोन आकर उन पहाड़ियों में से किसी एक से टकरा गया हो, जिसके कारण पाकिस्तानी मीडिया ने धुआं निकलते हुए तस्वीरें दिखाई थीं।
- उच्च स्तरीय बैठक और बहावलपुर का लक्ष्य: जनरल चौहान ने खुलासा किया कि पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 29 अप्रैल को बैठक हुई थी, जिसमें यह तय किया गया था कि रक्षा बलों का इस्तेमाल कैसे किया जाए। उस समय सीडीएस, तीनों सेना प्रमुखों, रक्षा मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी।
- 23 से 29 अप्रैल के बीच कई बैठकें हुईं, जिनमें चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी और एनएसए के साथ चार-पाँच बार बैठकें शामिल थीं। रक्षा मंत्री के ज़ोर देने और प्रधानमंत्री के “हमें कुछ बड़ा करना है” कहने के बाद, 29 अप्रैल की बैठक में ही बहावलपुर के लक्ष्य को भी सूची में शामिल किया गया था।
- हमले का समय और उद्देश्य: जनरल चौहान ने बताया कि हमले के लिए रात का समय इसलिए चुना गया ताकि आम नागरिकों को कम से कम नुकसान हो। यह पहली बार है जब जनरल चौहान ने उस बैठक के फैसलों की जानकारी सार्वजनिक की है, जो मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से कुछ दिन पहले हुई थी।











