कांगड़ा घाटी रेल सेवा स्थगित, पठानकोट-जोगिंदरनगर नैरोगेश मार्ग पर ट्रेनों का संचालन बंद

हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते रेल यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए रेलवे प्रशासन ने कांगड़ा घाटी रेल सेवा को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। फिरोजपुर रेल मंडल के इस फैसले के बाद पठानकोट-जोगिंदरनगर नैरोगेट सेक्शन पर ट्रेनों का पहिया थम गया है।
मुख्य बिंदु (Key Details)
- भूस्खलन और सुरक्षा का खतरा: लगातार बारिश के कारण रेलवे ट्रैक के आसपास भूस्खलन (Landslide) और मिट्टी खिसकने का खतरा काफी बढ़ गया है, जिसके चलते यह बड़ा कदम उठाया गया है।
- प्रभावित और रद्द ट्रेनें:
- ट्रेन संख्या 52473 (बैजनाथ-पपरोला से जोगिंदरनगर) और ट्रेन संख्या 52472 (जोगिंदरनगर से बैजनाथ-पपरोला) का संचालन पूरी तरह रद्द कर दिया गया है।
- इसके अलावा बैजनाथ-पपरोला से पठानकोट के बीच चलने वाली रेल सेवाएं भी सुरक्षा जांच और ट्रैक के निरीक्षण के चलते बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
- यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था: कांगड़ा, नगरोटा बगवां, पालमपुर, बैजनाथ और जोगिंदरनगर जाने वाले दैनिक यात्रियों और पर्यटकों को अब आवाजाही के लिए पंजाब और हिमाचल रोडवेज की बसों या अपने निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
- पर्यटन पर असर: पठानकोट-जोगिंदरनगर नैरोगेट रेल लाइन न केवल स्थानीय लोगों के लिए आवाजाही का मुख्य साधन है, बल्कि यह पर्यटकों के बीच भी खासी लोकप्रिय है। रेल सेवा बंद होने से पर्यटन कारोबार पर भी असर पड़ा है।
जांच और मरम्मत कार्य (Inspection & Maintenance)
रेलवे की तकनीकी और निरीक्षण टीमें प्रभावित ट्रैक्स, ड्रेनेज सिस्टम और संवेदनशील स्थानों का लगातार जायजा ले रही हैं। जिन जगहों पर पटरियों पर मलबा जमा हुआ है या नुकसान पहुंचा है, वहां युद्धस्तर पर सफाई और मरम्मत का काम किया जा रहा है।
रेलवे की अपील (Railway Advisory)
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ट्रैक की सुरक्षा जांच पूरी होने और सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद ही मौसम में सुधार होने पर रेल सेवा को दोबारा बहाल किया जाएगा। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि स्टेशन के लिए निकलने से पहले हेल्पलाइन नंबर या ऑनलाइन माध्यम से अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।










