बदहाली के आंसू रोता सुजानपुर का बसुरूप पिंड: 10 साल से टूटी सड़क बनी जानलेवा, प्रशासन और सरकार बेखबर
- स्थान: बसुरूप पिंड (सुजानपुर के पास, जिला पठानकोट, पंजाब)
- समस्या: वर्षों पुरानी जर्जर और टूटी हुई सड़क
- प्रभाव: 10 से 15 मिनट का रास्ता तय करने में लग रहा 1 घंटा; आए दिन हो रहे हादसे और मौतें
- प्रशासनिक उपेक्षा: मंडी बोर्ड और स्थानीय प्रशासन की उदासीनता के कारण ग्रामीण अनाथ जैसी जिंदगी जीने को मजबूर
पठानकोट:जिला पठानकोट के सुजानपुर के साथ लगते गांव बसुरूप की स्थिति आज बेहद दयनीय बनी हुई है। यहां के निवासियों के लिए मुख्य समस्या गांव की खस्ताहाल और टूटी हुई सड़क है, जो पिछले 10 वर्षों से अपनी बदहाली के आंसू रो रही है। स्थिति इतनी बदतर है कि सुजानपुर से बसुरूप पहुंचने का महज 10 से 15 मिनट का रास्ता तय करने में आज लोगों को लगभग एक घंटा लग जाता है।
अनाथ हुआ गांव, नेताओं के वादों तक सीमित विकास
ग्रामीणों और स्थानीय पंचायत सदस्यों (जैसे दविंदर कुमार, लक्की जी, सुरजीत सिंह और सरपंच प्रतिनिधि) का कहना है कि चुनावों के दौरान नेता बड़े-बड़े आश्वासन देकर वोट तो बटोर लेते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई भी इस पिछड़े और अनाथ हो चुके गांव की सुध नहीं लेता। यहां तक कि कई बार अधिकारियों और प्रशासनिक अमले को आश्वासन देने के बावजूद धरातल पर कोई काम नहीं हुआ है।
बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
गांव में एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल मौजूद है, लेकिन सड़क खराब होने के कारण बाहर पढ़ने जाने वाले बच्चों और स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आपातकालीन स्थिति में यदि कोई मरीज रात को बीमार पड़ जाए, तो उसे अस्पताल ले जाना भी किसी चुनौती से कम नहीं होता, क्योंकि कई बार ऑटो चालक भी इस खस्ताहाल रास्ते पर जाने से मना कर देते हैं।
आए दिन हो रहे हादसे, जा रही हैं जानें
सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही के कारण यहां आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। कई लोग इन दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं और कुछ अपनी जान भी गंवा चुके हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि मंडी बोर्ड या किसी अन्य संबंधित विभाग का कोई भी अधिकारी इस सड़क की सुध लेने नहीं आता।
ग्रामीणों की चेतावनी और अपील
गांव के सरपंच, पंचायत सदस्यों और समस्त ग्रामीणों ने पंजाब सरकार और स्थानीय प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस सड़क का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू करवाया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को इस नरकीय जीवन से मुक्ति मिल सके और भविष्य में किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।












