अनाथ छोड़ा गया मिशन रोड: प्रशासन की अनदेखी से जनता परेशान, सड़क पर हो रहे हैं हादसे
- प्रशासन की लापरवाही: मिशन रोड से रमा चोपड़ा कॉलेज तक की सड़क पर इंटरलॉकिंग टाइलें लगाने का काम तो शुरू हुआ, लेकिन रमा चोपड़ा कॉलेज से आर्या कॉलेज तक का मुख्य मार्ग पिछले काफी समय से अनाथ छोड़ दिया गया है.
- टेंडर पास, फिर भी काम बंद: स्थानीय निवासियों और पार्षदों के अनुसार, इस सड़क के निर्माण के लिए फाइलें पास हो चुकी हैं और टेंडर भी दे दिए गए हैं, इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है.
- हादसों का बढ़ रहा खतरा: सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और मैनहोल खुले होने के कारण आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं. पिछले कुछ हफ्तों में कई लोग और वाहन चालक यहां दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं.
- ठेकेदार और अधिकारियों के टालमटोल रवैये से रोष: स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार और संबंधित अधिकारी 15 अगस्त के कार्यक्रम या अन्य बहानों का हवाला देकर सिर्फ तारीखें आगे बढ़ा रहे हैं, लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है.

पठानकोट के मिशन रोड पर स्थित स्थानीय लोग इन दिनों प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली से बेहद आहत हैं। स्थिति यह है कि मिशन रोड से रमा चोपड़ा कॉलेज तक तो टाइलें लगा दी गईं, लेकिन उसके आगे आर्या कॉलेज तक जाने वाले महत्वपूर्ण मार्ग को पूरी तरह अनाथ छोड़ दिया गया है.
अधिकारियों के आश्वासनों के बावजूद नतीजा सिफर
स्थानीय निवासियों ने बताया कि जब इस सड़क के बजाय अन्य जगहों पर निर्माण कार्य की बात चल रही थी, तब उन्होंने इसका विरोध किया था। लोगों की मांग थी कि जिस सड़क पर रोजाना लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं, उसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए. निगम अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि 15 अगस्त के बाद काम शुरू करवा दिया जाएगा, लेकिन हफ्ता-दस दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है.
खुले मैनहोल और गड्ढों ने बढ़ाई मुसीबत
क्षेत्र के निवासियों ने दर्द बयां करते हुए बताया कि सड़क पर बने गड्ढों और ठीक से कवर न किए गए मैनहोल के कारण यहां चलना दूभर हो गया है. हाल ही में एक बच्चा गाड़ी के नीचे आने से बाल-बाल बचा और उसकी टांग पर गंभीर चोट आई है. महिलाओं, बुजुर्गों और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों के लिए यह मार्ग खतरनाक साबित हो रहा है.
जनता की मांग: जल्द शुरू हो निर्माण
स्थानीय लोगों और वॉर्ड के पार्षदों ने कड़ा रोष व्यक्त करते हुए प्रशासन से मांग की है कि कागजी कार्रवाई और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब बिना किसी देरी के धरातल पर सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया जाए, ताकि जनता को इस नारकीय जीवन से मुक्ति मिल सके.












