इन्दौरा के माजरा गांव में राम गोपाल मंदिर की भूमि पर दिनदहाड़े जारी है अवैध खनन, प्रशासन की खामोशी पर उठे सवाल
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के अंतर्गत इंदौरा विधानसभा क्षेत्र का माजरा गांव इन दिनों खनन माफियाओं की जकड़ में है। यहां राम गोपाल मंदिर की पवित्र भूमि को अवैध खनन के जरिए खोदकर उसे रेत और बजरी का अड्डा बना दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि यह अवैध धंधा दिन के उजाले में खुलेआम चल रहा है, लेकिन संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह बेखबर नजर आ रहे हैं।
मीडिया की टीम ने मौके पर जाकर जो तस्वीरें कैद की हैं, उनमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे भारी-भरकम जेसीबी मशीनों की मदद से कुदरत का सीना चीरा जा रहा है। खनन माफियाओं ने इन गतिविधियों को अंजाम देने के लिए गुप्त रास्तों का जाल बिछा रखा है, ताकि प्रशासन की नजरों से बचकर अवैध सामग्री को डंपरों में भरकर ले जाया जा सके। दिनदहाड़े हो रहे इस खनन से न केवल मंदिर की भूमि का अस्तित्व खतरे में है, बल्कि स्थानीय पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है।
इस पूरे मामले ने सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। न तो खनन विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है और न ही पुलिस का खौफ इन माफियाओं के बीच दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोग दबी जुबान में आरोप लगा रहे हैं कि इस अवैध खेल के पीछे कुछ रसूखदार लोगों का हाथ है, जिन्हें प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है। कानून की आंखों में धूल झोंककर चल रहे इस कारोबार ने न केवल भ्रष्टाचार की पोल खोली है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की विफलता की जीती-जागती मिसाल पेश की है।
क्षेत्र में हो रहे इस अवैध खनन पर अंकुश लगाने के बजाय अधिकारियों की चुप्पी कई तरह की आशंकाओं को जन्म दे रही है। सवाल यह है कि आखिर किसकी शह पर यह अवैध खेल बेखौफ खेला जा रहा है? क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है, या फिर यह माफिया तंत्र इतना मजबूत हो गया है कि कानून का शासन उसके सामने बेबस है? स्थानीय जनता अब इस मामले में निष्पक्ष जांच और माफियाओं पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रही है।












