AMI News: जुलाई 2026 में 280 दवाइयां गुणवत्ता मानकों पर फेल, बिहार में मिला नकली उत्पाद का मामला
दवाइयों की गुणवत्ता पर पैनी नजर रखने के लिए चलाई जा रही नियमित निगरानी के तहत जुलाई 2026 में 280 दवाइयों के नमूने तय मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। केंद्रीय दवा प्रयोगशालाओं ने 40 और राज्य दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 240 नमूनों को ‘नाਟ ਫ਼ਾਰ ਸਟੈਂਡਰਡ ਕੁਆਲਿਟੀ’ (ਐੱਨ. ਐੱਸ. ਕਿਊ.) यानी अमानक घोषित किया है। हालांकि, सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि किसी नमूने के एन.एस.क्यू. पाए जाने का यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि उसी दवा के बाजार में मौजूद सभी बैच खराब हैं। जांच में गुणवत्ता की कमी केवल परखे गए उस विशेष बैच में ही मिली है।
इसके अलावा, इस राष्ट्रव्यापी जांच के दौरान बिहार से एक दवा का नमूना ‘स्पूरेयस’ यानी पूरी तरह नकली पाया गया। यह दवा किसी अनधिकृत निर्माता द्वारा किसी दूसरी कंपनी के मਲਕੀਅਤ वाले ब्रांड नाम का गलत इस्तेमाल करके तैयार की गई थी। इस गंभीर मामले की जांच तेजी से जारी है और इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ ‘ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट’ और निर्धारित नियमों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता की सेहत से खिलवाड़ रोकने के लिए केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (सी.डी.ਐੱਸ.ਸੀ.ਓ.) और राज्य रेगुलेटरी एजेंसियां लगातार इस प्रकार की नियमित जांच करती रहती हैं।











