बारिश का कहर: भूस्खलन और जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त, औद्योगिक क्षेत्र को लाखों का नुकसान
कालका/परवाणू/कसौली: शहर और आसपास के इलाकों में मंगलवार दोपहर बाद हुई करीब दो घंटे की मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। तेज बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन हुआ, सड़कें जलमग्न हो गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। औद्योगिक क्षेत्र में पानी घुसने से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
रेल और सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित
- एनएच-5 (चक्की मोड़): पहाड़ से लगातार पत्थर गिरने के कारण एहतियात के तौर पर ट्रैफिक को रोक-रोककर निकाला गया। सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर पुलिस और प्रशासनिक कर्मी तैनात रहे।
- रेल सेवा बाधित: कोटी के समीप रेलवे ट्रैक पर मलबे के ढेर आ गिरने से शिमला से आने वाली कुछ ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। मलबे को हटाकर कालका की ओर फंसी ट्रेनों को निकालने का काम युद्ध स्तर पर जारी रहा।
- संपर्क मार्ग बंद: लोक निर्माण विभाग के अनुसार ओल्ड कसौली रोड, पट्टा बेजा और खड़ीन मार्ग अस्थायी रूप से बंद हो गए हैं, जिन्हें खोलने के लिए जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं। ओल्ड कसौली रोड के सेक्टर-5 में टकसाल एम्बुलेंस मार्ग की कच्ची मिट्टी बहकर आने से सेक्टर-4 का रास्ता कुछ समय के लिए ठप रहा।
सड़क पर तैरती दिखीं गाड़ियां, खंभों को भी नुकसान
ओल्ड कसौली रोड पर फाटक के पास पानी भरने से किनारे खड़ी गाड़ियां पानी में तैरती नजर आईं। टकसाल के पास नाले में आए उफान से सड़क किनारे का डंगा ढह गया, जिससे एक कैंटर नाले की तरफ लटक गया। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। बिजली विभाग के अनुसार, नाले के तेज बहाव से टकसाल क्षेत्र में कई बिजली के खंभों को भी क्षति पहुंची है।
दुकानों और बॉटलिंग प्लांट में घुसा पानी, 25 लाख का नुकसान
परवाणू बस अड्डे की कई दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों का भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा, हिमफैड के बॉटलिंग प्लांट में पानी भरने से पैकेजिंग सामग्री और मशीनरी पूरी तरह खराब हो गई। प्लांट के मैनेजर अशोक सहगल ने बताया कि शुरुआती आकलन के मुताबिक उद्योग को लगभग 20 से 25 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
विभाग मुस्तैद
“बारिश से प्रभावित हुई सड़कों को बहाल करने का काम तेजी से किया जा रहा है। जेसीबी मशीनों को तैनात कर दिया गया है और जल्द ही सभी बाधित मार्गों पर यातायात सुचारू कर दिया जाएगा।”
— शिव कुमार, एसडीओ (लोक निर्माण विभाग)











