मज़दूरों की मांगों पर फतेहपुर व नूरपुर में हुंकार: सड़कों पर उतरा भारतीय मज़दूर संघ
फतेहपुर/नूरपुर: भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर फतेहपुर और नूरपुर में सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत संगठन के कार्यकर्ताओं ने उपमंडलाधिकारी (SDM) के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
प्रमुख माँगें:
- न्यूनतम वेतन: ₹30,000 प्रति माह न्यूनतम वेतन तय किया जाए।
- प्रथाओं की समाप्ति: आउटसोर्सिंग और ठेका प्रथा को पूरी तरह खत्म किया जाए।
- नियमितीकरण: आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को नियमित सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिले।
- पेंशन व सुरक्षा: ESI और EPS पेंशन की सीमा बढ़ाई जाए।
- समान कार्य – समान वेतन: ‘समान काम के लिए समान वेतन’ लागू हो।
- अन्य सुविधाएँ: भविष्य निधि (PF) और बोनस की सीमा बढ़ाने के साथ-साथ ग्रेच्युटी की सीमा को ₹40 लाख करने की मांग उठाई गई।
सरकार को चेतावनी:
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि 17 अगस्त को राज्य कार्यकारिणी के निर्णय अनुसार पूरे देश के जिला और एसडीएम मुख्यालयों पर ज्ञापन सौंपे गए हैं। संगठन ने केंद्र व हिमाचल प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है कि यदि मजदूरों की लंबे समय से लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण करेगा।











