पठानकोट में विकास के दावों की खुली पोल: खड्डी पुल बना दरिया, जलभराव से राहगीर परेशान
पठानकोट: नगर निगम के विकास के दावों के बीच शहर के खड्डी पुल (लमीनी रोड) की बदहाली ने प्रशासन की पोल खोलकर रख दी है। स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों के बीच शहर को सजाने-चमकाने का काम जोर-शोर से चल रहा है, लेकिन दूसरी ओर खड्डी पुल क्षेत्र के बाशिंदे बारिश के पानी और भीषण जलभराव से जूझने को मजबूर हैं।
20 फीट की सड़क सिमटकर रह गई 3 से 4 फीट
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जो सड़क कभी 20 फीट चौड़ी हुआ करती थी, वह अब मिट्टी-कटाव और जलभराव के कारण सिमटकर केवल 3 से 4 फीट रह गई है। इस मार्ग पर जलभराव के चलते गड्ढों का पता ही नहीं चलता, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है।
अस्पताल और स्कूलों का मुख्य मार्ग
यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही रास्ता सिविल अस्पताल, प्रमुख स्कूलों और कॉलेजों को जोड़ता है। प्रतिदिन यहां से स्कूली बसें और मरीज गुजरते हैं। स्थानीय लोगों ने रोष जताते हुए कहा कि “हमने एक-डेढ़ महीने पहले भी मीडिया के माध्यम से प्रशासन का ध्यान खींचने की कोशिश की थी, लेकिन नगर निगम कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है।”
जनता का तीखा सवाल
मानसून की शुरुआत में ही यदि खड्डी पुल के यह हालात हैं, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है और क्यों इस समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं निकाला जा रहा?











