लद्दाख के लेह में भूकंप के झटके: 5.5 तीव्रता से कांपी धरती, 10 किमी गहराई में था केंद्र
लेह/नई दिल्ली: लद्दाख के लेह क्षेत्र में गुरुवार सुबह 5.5 तीव्रता के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, भूकंप सुबह लगभग 6:05 बजे आया। गनीमत यह रही कि इस दौरान किसी के हताहत होने या बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी साझा करते हुए NCS ने बताया कि भूकंप का सटीक समय सुबह 06:05:15 IST था। इसका केंद्र 36.881 उत्तरी अक्षांश और 74.402 पूर्वी देशांतर पर, जमीन से मात्र 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।
कम गहराई ने बढ़ाई चिंता: क्यों खतरनाक होते हैं ऐसे भूकंप?
वैज्ञानिकों और अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के आंकड़ों के अनुसार, भूकंप पृथ्वी की सतह से 700 किलोमीटर नीचे तक कहीं भी आ सकते हैं। अध्ययन के लिहाज से इन्हें तीन श्रेणियों में बांटा जाता है:
- उथले (Shallow): 0 से 70 किलोमीटर गहराई
- मध्यम (Intermediate): 70 से 300 किलोमीटर गहराई
- गहरे (Deep): 300 से 700 किलोमीटर गहराई
विशेषज्ञों का मानना है कि गहरे भूकंपों की तुलना में सतह के करीब (कम गहराई पर) आने वाले ‘उथले भूकंप’ अधिक खतरनाक और विनाशकारी होते हैं।
तकनीकी कारण: जब भूकंप सतह के पास (जैसे लेह में 10 किमी गहराई) आता है, तो उससे निकलने वाली भूकंपीय तरंगों (Seismic Waves) को जमीन तक पहुंचने में बहुत कम दूरी तय करनी पड़ती है। इसके कारण सतह पर बहुत तेज कंपन महसूस होता है, जिससे इमारतों और ढांचागत संपत्तियों को अधिक नुकसान पहुंचने और जन-धन की हानि की आशंका बढ़ जाती है।
फिलहाल स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी संभावित नुकसान का आकलन किया जा रहा है।











