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AMI News: वोटर सूची से नाम कटने पर न हों परेशान, 13 अगस्त से दर्ज कराएं आपत्ति

इलेक्शन कमीशन की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया जारी: पहला चरण पूरा, 13 अगस्त से मांगे जाएंगे दावे और आपत्तियां

​पठानकोट:भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) द्वारा मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण और पारदर्शिता के लिए शुरू की गई विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया का पहला चरण सफलता से पूरा कर लिया गया है। अधिकारियों ने प्रेस वार्ता के माध्यम से प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति साझा करते हुए जनता से मतदाता सूची की समीक्षा में सहयोग की अपील की है।

​पहले चरण के आंकड़े और मुख्य बातें:

  • ​घर-घर जाकर सत्यापन (House to House Visit): बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) द्वारा 3 अगस्त तक डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन का कार्य पूरा किया जा चुका है।
  • ​डिजिटलीकरण (Digitization): कुल 5,09,111 मतदाताओं में से 4,79,197 मतदाताओं के डेटा को डिजिटाइज़ (Digitize) कर लिया गया है।
  • ​अनकलेक्टेबल (Uncollectable): लगभग 29,914 मतदाता अनकलेक्टेबल श्रेणी में दर्ज हुए हैं।
  • ​अनमैप्ड मतदाता: प्री-एसआईआर (Pre-SIR) के दौरान मैपिंग से छूटे लगभग 20,000 अनमैप्ड मतदाताओं का भी संज्ञान लिया गया है।

​दूसरा चरण: दावे, आपत्तियां और अंतिम प्रकाशन

​अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग अब दूसरा चरण शुरू करने जा रहा है, जिसके तहत मुख्य तिथियां इस प्रकार हैं:

  • ​ड्राफ्ट प्रकाशन (Draft Publication): 13 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
  • ​दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि: ड्राफ्ट प्रकाशन के साथ ही नागरिक 13 अगस्त से 12 सितंबर 2026 (एक महीने की अवधि) तक किसी भी प्रकार के दावे या आपत्तियां (Claims & Objections) दर्ज करा सकेंगे।
  • ​नोटिस जारी करने का चरण: अनमैप्ड और विसंगति (Anomalies) वाले मतदाताओं को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया 13 अगस्त से 8 अक्टूबर तक चलेगी।
  • ​अंतिम वोटर सूची का प्रकाशन: सभी दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद 12 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची (Final Electoral Roll) का प्रकाशन कर दिया जाएगा।

​मतदान केंद्रों का रेशनलाइजेशन (Rationalization of Polling Booths)

​मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिले में पोलिंग बूथों की संख्या बढ़ाई गई है:

  • ​पहले जिले में कुल 568 पोलिंग बूथ थे।
  • ​रेशनलाइजेशन के बाद 24 नए बूथ बढ़ाकर अब कुल बूथों की संख्या 592 कर दी गई है।

​वोट कटने की आशंका पर प्रशासन का स्पष्टीकरण

​आम जनता में वोट कटने को लेकर बने संशय पर अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि:

    • ​किसी भी पात्र मतदाता का वोट बिना प्रक्रिया के नहीं काटा जाएगा।
    • ​मृत व्यक्तियों (Death Cases), स्थायी रूप से स्थानांतरित (Permanently Shifted), या डुप्लीकेट वोटों जैसी श्रेणियों (ASD – Absent, Shifted, Duplicate List) की तस्दीक बूथ लेवल एजेंटों (BLAs) के हस्ताक्षरों और सत्यापन के बाद ही की गई है।
    • ​यदि फिर भी किसी नागरिक को लगता है कि उनका वोट गलती से कट गया है या कोई त्रुटि है, तो वे तय समय-सीमा (13 अगस्त से 12 सितंबर) के भीतर लिखित में अपनी शिकायत/दावा पेश कर सकते हैं।

​प्रशासन की अपील: > “निर्वाचन आयोग और पंजाब मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO Punjab) का मकसद पारदर्शी और त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करना है। सभी नागरिक ड्राफ्ट वोटर सूची को जरूर देखें और इस प्रक्रिया में आयोग का सहयोग करें।”

Ami News
Author: Ami News

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