पुरानी रंजिश में चले तेजधार हथियार, अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर भी हमला; पुलिस जांच में जुटी
दीनानगर / गुरदासपुर
दीनानगर हलके के अंतर्गत आते गांव नारदा में पुरानी रंजिश के चलते दो पक्षों के बीच हुई खूनी झड़प में दोनों गुटों के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल गुरदासपुर में भर्ती करवाया गया है। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, पीड़ित परिवारों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार लगाई है।
अस्पताल परिसर में दोबारा हमले का आरोप
मामले संबंधी जानकारी देते हुए पहले पक्ष के घायल युवक राहुल मसीह ने बताया कि वह शाम को काम से लौटकर घर पर खाना खा रहा था। इसी दौरान उसे सूचना मिली कि उसके चाचा के साथ कुछ लोग मारपीट कर रहे हैं।
”जब मैं मौके पर अपने चाचा को बचाने पहुंचा, तो हमलावरों ने मुझ पर भी तेजधार हथियारों से हमला कर दिया, जिससे हम दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। हमलावरों के हौसले इतने बुलंद थे कि जब परिजन मुझे स्कैन करवाने ले जा रहे थे, तो सिविल अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर भी हम पर दोबारा हमला किया गया।”
— राहुल मसीह (पीड़ित/घायल)
राहुल ने आरोप लगाया कि हमलावरों में चार युवक उनके ही गांव के थे, जबकि बाकी लोगों को बाहर से बुलाया गया था।
दूसरे पक्ष ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
दूसरी ओर, जब इस संबंध में दूसरे पक्ष से बात की गई तो उन्होंने पहले पक्ष द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद और झूठा करार दिया। दूसरे पक्ष का कहना है कि वे अपना पक्ष और पूरी सच्चाई पुलिस प्रशासन के समक्ष रखेंगे।
निष्पक्ष जांच की मांग
गांव नारदा में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए दोनों पक्षों के पीड़ित परिवारों ने उच्च पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि मामले की बिना किसी पक्षपात के निष्पक्ष जांच की जाए। उन्होंने मांग की है कि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाकर जो भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
फिलहाल स्थानीय पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।











