AMI News: क्या सैली रोड को भी बनाया जाएगा रेहड़ी मार्केट?
नगर सुधार ट्रस्ट के अपने ही दफ्तर के बाहर अतिक्रमण का बोलबाला; पटेल चौक और सैली रोड पर दिन-ब-दिन बढ़ रही रेहड़ियों से व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
पठानकोट (AMI News)
शहर की सुंदरता, सुचारू यातायात और योजनाबद्ध विकास का जिम्मा संभालने वाला नगर सुधार ट्रस्ट (इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट) खुद अपने ही दफ्तर के बाहर की व्यवस्था सुधारने में नाकाम साबित हो रहा है। शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर लगातार बढ़ते रेहड़ी-फड़ी के अतिक्रमण ने अब गंभीर रूप धारण कर लिया है, जिससे आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दफ्तर के बाहर ही नहीं हट पा रहा अतिक्रमण
नगर सुधार ट्रस्ट के दफ्तर के ठीक बाहर गोलगप्पे व अन्य खाद्य पदार्थों की रेहड़ियां सजी हुई हैं। सवाल यह उठता है कि जो संस्था अपने कार्यालय के मुख्य द्वार के बाहर से अतिक्रमण नहीं हटवा सकती, वह पूरे पठानकोट शहर का सुधार कैसे करेगी? नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि क्या ट्रस्ट अध्यक्ष की अनुमति से ही दफ्तर के बाहर यह रेहड़ी मार्केट सज रही है?
पटेल चौक व इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की जगह पर अवैध कब्जे
शहर के व्यस्ततम पटेल चौक का हाल भी कुछ अलग नहीं है। दोपहर के समय यहाँ कुलचे व अन्य दुकानों की रेहड़ियां सज जाती हैं, जिससे दिन-ब-दिन रेहड़ी-फड़ियों की संख्या में भारी इजाफा हो रहा है। इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की खाली पड़ी जमीनों पर शेड व टीन डालकर स्थायी कब्जे किए जा रहे हैं। यदि ट्रस्ट प्रशासन चाहता तो समय रहते इन अवैध शेडों को हटवा सकता था, लेकिन ऐसा न होने से ट्रस्ट की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है।
सैली रोड भी रेहड़ी मार्केट में तब्दील होने की कगार पर
सुंदरता और हरियाली के लिए पहचाने जाने वाले सैली रोड पर भी अब रेहड़ी मार्केट का विस्तार हो रहा है। एक समय जहाँ केवल एक नारियल पानी की रेहड़ी लगती थी, आज उसे देखकर दर्जनों रेहड़ियां वहाँ कतार में खड़ी हो गई हैं। जिस मार्ग को पेड़-पौधे लगाकर सुंदर बनाने का प्रयास किया गया था, क्या अब उसे डलहौजी रोड की तर्ज पर अव्यवस्थित रेहड़ी मार्केट में तब्दील कर दिया जाएगा?
क्या वेंडिंग ज़ोन बनाना विकल्प नहीं?
स्थानीय लोगों का मानना है कि किसी के रोजगार पर प्रहार करना उद्देश्य नहीं है, लेकिन ट्रस्ट प्रशासन को शहर में एक निश्चित ‘वेंडिंग ज़ोन’ या रेहड़ी मार्केट की जगह तय करनी चाहिए, ताकि रेहड़ी चालकों को रोजगार भी मिले और शहर की सड़कों पर गंदगी तथा यातायात की समस्या भी न उत्पन्न हो।
अब देखने वाली बात यह होगी कि नगर सुधार ट्रस्ट के अध्यक्ष और संबंधित अधिकारी इस दिशा में क्या कड़े कदम उठाते हैं या फिर सैली रोड भी पूरी तरह अतिक्रमण की भेंट चढ़ जाएगा।












