लाखों की सजावटी लाइटें या पूरे सैली रोड की सुरक्षा?
इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की प्राथमिकता पर बड़ा सवाल: सजावट या सुरक्षा?
सैली रोड पर सजावट की चमक, टूटी स्ट्रीट लाइटों पर सवाल
सरकारी पैसों का इस्तेमाल ज़रूरत के हिसाब से होना चाहिए या सिर्फ खूबसूरती दिखाने के लिए? पठानकोट के सैली रोड के कुछ हिस्सों में पहले लाखों रुपये खर्च करके टाइलें लगाई गईं, पौधे रोपे गए और अब सजावटी लाइटें भी लगाई गई हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जहाँ सुंदरता पर इतना ध्यान दिया गया, क्या वहाँ सुरक्षा को नजरअंदाज कर दिया गया है?
टूटी और बंद पड़ी हैं मुख्य स्ट्रीट लाइटें
सैली रोड के मुख्य हिस्से में लगे डिवाइडर (सेंटर वर्ज) की कई स्ट्रीट लाइटें टूटी हुई हैं या बंद पड़ी हैं। कई खंभों पर दो में से सिर्फ एक ही लाइट जल रही है।
हैरानी की बात यह है कि इन लाइटों की देखरेख और मरम्मत (मेंटेनेंस) के लिए लाखों रुपये का टेंडर पास किया गया है। इसके बावजूद सड़क पर कई लाइटें बंद पड़ी हैं, जो सीधे तौर पर लापरवाही को दर्शाती हैं।
ऑडिटोरियम के पास अंधेरा, असामाजिक तत्वों का जमावड़ा
मामला सिर्फ सैली रोड की मुख्य लाइटों तक सीमित नहीं है। सैली रोड स्थित ऑडिटोरियम के पास भी रात के समय पूरी तरह अंधेरा छाया रहता है। इस अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व रात के वक्त यहाँ गलत गतिविधियों को अंजाम देते हैं।
इसके अलावा, पटेल चौक में लगी हाई-मास्ट लाइट भी बंद नजर आई। जब शहर के मुख्य चौकों और सड़कों पर ही अंधेरा रहेगा, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?
जनहित के मुख्य सवाल
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- सुविधा या सिर्फ दिखावा? जब सड़क पर सजावट के लिए टाइलें, पौधे और लाइटें लगाई जा सकती हैं, तो सुरक्षा के लिए खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को ठीक क्यों नहीं किया जा सकता?
- समाधान क्या है? यदि बंद पड़ी लाइटों को ठीक कर दिया जाए, नई LED स्ट्रीट लाइटें और आवश्यकता अनुसार हाई-मास्ट लाइटें लगा दी जाएं, तो पूरा सैली रोड सुरक्षित और रोशन हो सकता है। इससे हादसों का खतरा घटेगा और असामाजिक तत्वों पर रोक लगेगी।
- विकास का असली मतलब क्या? क्या विकास का मतलब केवल सुंदरता बढ़ाना है या लोगों को सुरक्षित माहौल और बेहतर सुविधाएं देना भी है?
प्रशासन से जवाब की उम्मीद:
सरकारी पैसे का हर एक रुपया जनता का है। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन और संबंधित अधिकारियों को इस मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए कि इन कामों में देरी या लापरवाही का क्या कारण है।
सैली रोड पर बन रही रेहड़ी मार्केट को लेकर भी AMI News जल्द ही एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।













