नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल: जो सड़क ठीक-ठाक, वहाँ बिछाई जा रही टाइलें; खस्ताहाल मार्ग की सुध कौन लेगा?
‘शहर पूछता है’: प्राथमिकता के आधार पर क्यों नहीं हो रहे विकास कार्य?
पठानकोट:नगर निगम पठानकोट द्वारा शहर में करवाए जा रहे विकास कार्यों की प्राथमिकताओं को लेकर स्थानीय निवासियों में रोष पनपने लगा है। शहर के मुख्य मार्गों की बदहाली को लेकर AMI News की विशेष श्रृंखला ‘शहर पूछता है’ के तहत जब धरातल पर पड़ताल की गई, तो निगम की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े हुए।
रमा चोपड़ा कॉलेज से आर्य गर्ल्स कॉलेज की ओर जाने वाला मार्ग पिछले कई वर्षों से खस्ताहाल स्थिति में है। इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों स्कूली व कॉलेज के विद्यार्थी, दोपहिया-चौपहिया वाहन चालक और पैदल यात्री गुजरते हैं। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण आए दिन यहाँ दुर्घटनाएँ होती रहती हैं और जान-माल का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार चुनावों और पार्षदों के बदलने के बावजूद इस जानलेवा सड़क की सुध किसी ने नहीं ली। टेंडर पास होने की खबरों के बाद भी ज़मीनी स्तर पर काम शुरू नहीं हो सका है।
दूसरी ओर, रमा चोपड़ा कॉलेज मार्ग से मिशन रोड की तरफ जाने वाली सड़क, जो कि पहले से ही बेहतर स्थिति में थी, वहाँ इंटरलॉक टाइलें लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।
जनता का सीधा सवाल
स्थानीय निवासियों और शहरवासियों का पूछना है कि प्रशासन विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने में लापरवाही क्यों बरत रहा है?
- जो मार्ग खस्ताहाल है और जहाँ रोज़ दुर्घटनाओं का डर बना रहता है, उसे पहले दुरुस्त क्यों नहीं किया जा रहा?
- जो सड़क पहले से ठीक स्थिति में थी, वहाँ टाइलें लगाने का काम बाद में भी हो सकता था।
निगम के इस रवैये को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। शहरवासी सवाल उठा रहे हैं कि आखिर किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों किया जा रहा है और जनता की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों को अनदेखा कर सामान्य कार्यों को प्राथमिकता क्यों दी जा रही है?












