NH-44 पर डाउनटाउन के पास खतरनाक कट और सुजानपुर चौराहे पर खराब सिग्नल बने हादसों का कारण, स्थानीय लोगों ने उठाई मांग
Pathankot (AMI News): नेशनल हाईवे 44 (NH-44) पर डाउनटाउन के ठीक सामने बना कट और सुजानपुर चौराहा स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों के लिए लगातार सड़क सुरक्षा का बड़ा विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस कट के कारण क्षेत्र में आए दिन खतरनाक हादसे और दुर्घटनाएं हो रही हैं।
डाउनटाउन कट और शार्टकट का जोखिम
हाईवे पर जम्मू की ओर से आ रहे तेज रफ्तार वाहनों के बीच, डाउनटाउन की तरफ से कई वाहन यू-टर्न लेकर मुख्य सड़क पर आते हैं। इसके अलावा, पास ही स्थित डी-मार्ट में खरीदारी करने आने वाले लोग दूरी से बचने के लिए सुजानपुर कट की बजाय इसी डाउनटाउन वाले कट से शार्टकट लेते हैं। तेज रफ्तार हाईवे ट्रैफिक और यू-टर्न लेने वाले वाहनों के एक साथ आने से अक्सर बेहद गंभीर और खतरनाक स्थिति बन जाती है।
स्लिप रोड का हो रहा गलत इस्तेमाल
स्थानीय सूत्रों और लोगों का कहना है कि यह हिस्सा मूल रूप से ‘स्लिप रोड’ के तौर पर तैयार किया गया था, ताकि यातायात सुचारू रहे। हालांकि, वर्तमान में इसका उपयोग पार्किंग के रूप में किया जा रहा है। लोगों का मानना है कि यदि इस स्लिप रोड को इसके मूल उद्देश्य के अनुसार इस्तेमाल में लाया जाए, तो वाहन अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ सकेंगे तथा दुर्घटना की आशंका कम हो जाएगी।
सुजानपुर चौराहे पर बंद पड़े सिग्नल
इसी श्रृंखला में सुजानपुर चौराहे (5 नंबर पुल के पास) पर भी यातायात व्यवस्था राम भरोसे है। स्थानीय निवासियों के अनुसार यहाँ लगे ट्रैफिक सिग्नल प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रहे हैं। जम्मू और पठानकोट दोनों दिशाओं से लगातार भारी ट्रैफिक गुजरता है, जबकि दूसरी ओर से स्थानीय वाहन और पैदल यात्री भी सड़क पार करते हैं। सिग्नल बंद होने के कारण वाहन चालकों और पैदल यात्रियों में भ्रम की स्थिति बनी रहती है।
स्थानीय निवासियों की प्रमुख मांगें
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि:
- इस पूरे क्षेत्र का तत्काल सड़क सुरक्षा ऑडिट (Road Safety Audit) कराया जाए।
- डाउनटाउन के सामने बने खतरनाक कट पर बैरियर लगाए जाएं या इसे बंद किया जाए।
- स्लिप रोड के सही उपयोग की समीक्षा की जाए ताकि पार्किंग की समस्या खत्म हो।
- सुजानपुर चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल और बेहतर यातायात नियंत्रण तुरंत बहाल किया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन मुद्दों पर ध्यान दिया गया, तो भविष्य में होने वाली संभावित सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।












