रक्षा क्षेत्र में भारत की बड़ी छलांग: स्वदेशी ‘काल’ ड्रोन जल्द सेना में होगा शामिल
1,000 KM मारक क्षमता और 50 KG विस्फोटक ले जाने वाले आत्मघाती ड्रोन की खासियतें
भारत अपनी सैन्य क्षमताओं को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने जा रहा है। देश का पहला स्वदेशी लंबी दूरी का वन-वे अटैक (आत्मघाती) ड्रोन ‘काल’ (KAL) जल्द ही भारतीय सेना की रणनीतिक संपत्ति का हिस्सा बन सकता है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस यह ड्रोन गहरे दुश्मन क्षेत्रों में सटीक हमला करने में सक्षम है।
नोएडा स्थित रक्षा तकनीक कंपनी IG डिफेंस द्वारा विकसित यह ड्रोन राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों से उड़ान भरकर अफगानिस्तान के भीतर तक रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाने का सामर्थ्य रखता है।
आधुनिक युद्ध का नया ‘काल’
कंपनी के सह-संस्थापक और सीईओ ने बताया कि रूस के जेरॉन-2 (Geran-2) और अमेरिका के ल्यूकस (LUCAS) जैसी वैश्विक प्रणालियों की श्रेणी में शामिल ‘काल’ ड्रोन आने वाले समय में भारतीय सेना की सबसे महत्वपूर्ण संपत्तियों में से एक बनेगा।
“आधुनिक और भविष्य के युद्ध स्वायत्त (Autonomous) व लंबी दूरी के मानवरहित सिस्टम पर निर्भर करेंगे। कम लागत में सटीक और सुरक्षित निशाना साधने वाली यह तकनीक सेना को रणनीतिक बढ़त दिलाएगी।” > — सीईओ, IG डिफेंस
’काल’ ड्रोन की प्रमुख विशेषताएं
- मारक क्षमता (Range): 1,000 किलोमीटर दूर स्थित दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमला।
- पेलोड क्षमता: 50 किलोग्राम तक का घातक उच्च-विस्फोटक ले जाने में सक्षम।
- उड़ान समय (Endurance): 7 से 8 घंटे तक हवा में लगातार रहने की क्षमता।
- रफ्तार और ऊंचाई: 200 किमी/घंटा की अधिकतम गति और 5,000 मीटर (16,000 फीट) की ऊंचाई तक उड़ान।
- हाई-टेक नेविगेशन व कैमरे: हाई-रेजोल्यूशन और थर्मल कैमरों से लैस, जिससे दिन और रात दोनों समय हमला संभव।
- जैमर-प्रूफ सिस्टम: मल्टी-बैंड GNSS और एन्क्रिप्टेड डाटालिंक के कारण दुश्मन के रडार और इलेक्ट्रॉनिक जैमर भी इसे रोकने में असमर्थ।
मित्र देशों को निर्यात की तैयारी
IG डिफेंस के अनुसार, इस स्वदेशी तकनीक को लेकर दुनिया के कई मित्र देशों ने रुचि दिखाई है और उनसे बातचीत जारी है। भारत सरकार की औपचारिक स्वीकृति मिलते ही इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात भी किया जाएगा, जिससे भारत रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में वैश्विक पटल पर और मजबूत होगा।











