अमृतसर सीमा पर BSF की बड़ी कार्रवाई: मुहावा गांव में 28 करोड़ की हेरोइन जब्त, ड्रोन से तस्करी की आशंका
अटारी बॉर्डर के पास BSF ने नाकाम की पाकिस्तानी तस्करों की साजिश; एक दिन पहले अजनाला क्षेत्र से भी बरामद हुआ था 7 किलो मादक पदार्थ
अमृतसर (पंजाब)भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। अमृतसर सेक्टर के अटारी बॉर्डर से सटे सीमावर्ती गांव मुहावा में चलाए गए अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने करीब 28 करोड़ रुपये अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य की हेरोइन बरामद की है। इस कार्रवाई के बाद सीमांत इलाकों में सुरक्षा बल और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं।
10 मीटर आगे मिला संदिग्ध पैकेट
BSF अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, नियमित गश्त के दौरान जवानों को बॉर्डर फेंसिंग (कंटीले तारों) से लगभग 10 मीटर आगे भारतीय सीमा में एक संदिग्ध पैकेट पड़ा दिखाई दिया।
सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए जब पैकेट की जांच की गई, तो उसके भीतर से 10 छोटे-छोटे पैकेटों में रखी हेरोइन बरामद हुई।
ड्रोन से गिराए जाने का संदेह
प्राथमिक जांच में अधिकारियों ने आशंका जताई है कि सीमा पार बैठे पाकिस्तानी तस्करों ने किसी बड़े कमर्शियल या हेवी-लिफ्ट ड्रोन का इस्तेमाल कर इस खेप को भारतीय क्षेत्र में गिराया था।
📌 मुख्य बिंदु:
- बरामदगी: 28 करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन (10 पैकेट)।
- स्थान: अटारी बॉर्डर से सटा मुहावा गांव (अमृतसर सेक्टर)।
- طريقة (मोडस ऑपरेंडी): ड्रोन के जरिए एयर-ड्रॉप किए जाने की आशंका।
- वर्तमान स्थिति: हेरोइन जब्त, लोकल नेटवर्क और ‘रिसीवर’ का पता लगाने में जुटीं एजेंसियां।
लगातार दूसरे दिन बड़ी साजिश नाकाम
उल्लेखनीय है कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी की कोशिशें लगातार जारी हैं। मुहावा गांव की इस बरामदगी से ठीक एक दिन पहले अजनाला क्षेत्र में भी सुरक्षा एजेंसियों ने तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। उस कार्रवाई में एजेंसियों ने:
- 7 किलोग्राम हेरोइन
- एक बड़ा तस्कर ड्रोन
- एक पिस्टल जब्त की थी। लगातार दो दिनों में हुई इन बड़ी बरामदगियों ने यह साफ कर दिया है कि सीमा पार बैठा ड्रग सिंडिकेट इस क्षेत्र में सक्रिय है।
लोकल रिसीवर की तलाश तेज
BSF ने बरामद हेरोइन को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। खुफिया एजेंसियां अब इस बात की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं कि भारतीय सीमा के अंदर इस खेप को हासिल करने वाला ‘रिसीवर’ कौन था और पंजाब के स्थानीय तस्करों का नेटवर्क सीमा पार बैठे आकाओं से किस माध्यम से जुड़ा हुआ है।











