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AMI News: सैली रोड का सौंदर्यकरण या सरकारी धन की बर्बादी? लाखों खर्च के बाद भी जलभराव, सूखे पौधे और अधूरे काम उठा रहे गंभीर सवाल

सैली रोड का सौंदर्यकरण या सरकारी धन की बर्बादी?

पठानकोट की सैली रोड को शहर की सबसे खूबसूरत सड़कों में शामिल करने का सपना दिखाया गया। लाखों रुपये खर्च कर टाइल्स लगाई गईं, पौधे लगाए गए, लाइटें लगाई गईं और सौंदर्यकरण के नाम पर कई काम किए गए। लेकिन आज जब ज़मीनी हकीकत देखी जाती है, तो कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

पहला सवाल—क्या सौंदर्यकरण पूरी सैली रोड का होना था या केवल एक छोटे से हिस्से का?

यदि पूरी सड़क को सुंदर बनाना उद्देश्य था, तो फिर एक ही हिस्से पर लगभग ₹80 लाख की लागत से टाइल्स लगाने की क्या आवश्यकता थी, जबकि ठीक साथ स्थित एलआईसी कार्यालय के बाहर आज भी टाइल्स नहीं लगीं? यदि उस हिस्से का भी प्रावधान था, तो काम अधूरा क्यों छोड़ा गया? और यदि प्रावधान ही नहीं था, तो आखिर योजना किस आधार पर बनाई गई?

दूसरा सवाल—लाखों रुपये के पौधे आखिर मर क्यों गए?

सैली रोड पर सौंदर्यकरण के लिए दो प्रकार के पौधे लगाए गए। पहला, लगभग 8 से 10 हजार रुपये प्रति पौधा कीमत वाले विकसित सजावटी पाम (Foxtail Palm जैसे) पौधे, जिनमें से लगभग छह पौधे सूख चुके हैं।

इसके अलावा सेंट्रल वर्ज में भी बड़ी संख्या में सजावटी (Ornamental) पौधे लगाए गए थे, लेकिन रखरखाव और नियमित सिंचाई के अभाव में उनमें से भी अनेक पौधे सूख गए।

यदि इन पौधों पर लाखों रुपये का सरकारी धन खर्च हुआ था, तो उनकी देखभाल की जिम्मेदारी किसकी थी? क्या केवल पौधे लगा देना ही पर्याप्त था, या उन्हें जीवित रखना भी संबंधित विभाग और एजेंसी की जिम्मेदारी थी? यदि रखरखाव में लापरवाही हुई है, तो क्या इसकी जवाबदेही तय की जाएगी?

तीसरा सवाल—क्या प्राथमिकताएं सही तय की गईं?

जहां लाइटें लगाई गई हैं, क्या वास्तव में वहीं उनकी सबसे अधिक आवश्यकता थी? क्या यही धन पूरी सैली रोड पर पर्याप्त संख्या में हाई-मास्ट या बेहतर स्ट्रीट लाइटें लगाने पर खर्च नहीं किया जा सकता था?

यदि पूरी सड़क को योजनाबद्ध ढंग से रोशन किया जाता, दूसरी ओर स्लिप रोड विकसित की जाती और पूरे क्षेत्र का समान विकास होता, तो सैली रोड वास्तव में शहर की पहचान बन सकती थी।

चौथा सवाल—सफाई पर खर्च हुआ पैसा आखिर दिखाई क्यों नहीं देता?

सैली रोड की सफाई के लिए लगभग ₹40 लाख का टेंडर जारी किया गया। लेकिन यदि आज भी कई स्थानों पर गंदगी दिखाई देती है, तो जनता यह पूछने का अधिकार रखती है कि सफाई व्यवस्था का मूल्यांकन कैसे किया गया? क्या संबंधित एजेंसी अपना काम संतोषजनक ढंग से कर रही है?

पांचवां सवाल—जलभराव की समस्या का समाधान क्यों नहीं हुआ?

एक्सिस बैंक के पास तथा उसके ठीक सामने स्थित “एक नंबर बाजवा रेसिडेंस” के बाहर हर बारिश के बाद अच्छा-खासा जलभराव देखने को मिलता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वहां बने नाले पर अतिक्रमण (Encroachment) हो जाने के कारण पानी की निकासी बाधित हो गई है। यदि वास्तव में नाले पर अतिक्रमण हुआ है, तो फिर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट ने अब तक उसे हटाकर नाले को पुनः चालू करने और स्थायी जल निकासी की व्यवस्था क्यों नहीं की?

क्या शहर की मूलभूत समस्याओं—जैसे जल निकासी—का समाधान करना अधिक आवश्यक नहीं था, बजाय केवल सौंदर्यकरण के कार्यों पर धन खर्च करने के?

छठा सवाल—क्या सैली रोड का भविष्य रेहड़ी मार्केट है?

स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्तमान चेयरमैन के कार्यकाल से पहले यहां रेहड़ियों की संख्या बहुत कम थी। लेकिन अब उनकी संख्या लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।

यदि यही स्थिति रही, तो क्या आने वाले समय में सैली रोड अपनी पहचान एक सुंदर सड़क के रूप में बनाए रख पाएगी, या यह धीरे-धीरे रेहड़ी मार्केट में बदल जाएगी?

जनता यह भी जानना चाहती है कि इन रेहड़ियों को संरक्षण किसके स्तर पर मिल रहा है? यदि इन लोगों के रोजगार का भी ध्यान रखना है, तो क्या इन्हें किसी वैकल्पिक स्थान पर व्यवस्थित रूप से बसाकर सैली रोड की सुंदरता और ट्रैफिक व्यवस्था दोनों को सुरक्षित नहीं रखा जा सकता?

सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या विकास कार्यों की प्राथमिकताएं सही तय की गईं?

क्या शहर की सबसे बड़ी ज़रूरत केवल टाइल्स और सजावटी कार्य थे, या फिर जल निकासी, बेहतर रोशनी, साफ-सफाई, व्यवस्थित ट्रैफिक और पूरी सड़क का समान विकास?

 

इन सभी सवालों का जवाब अब इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन श्री सौरव बहल और संबंधित अधिकारियों से अपेक्षित है।

पठानकोट की जनता जानना चाहती है कि सैली रोड का भविष्य क्या होगा—एक सुव्यवस्थित, सुंदर और आधुनिक सड़क या फिर अधूरे कार्यों, सूखे पौधों, जलभराव और बढ़ती अव्यवस्था का प्रतीक?

AMI NEWS इन सभी मुद्दों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष जानने के लिए भी तैयार है। यदि उनका कोई स्पष्टीकरण, तथ्य या भविष्य की कार्ययोजना है, तो उसे भी पूरी प्रमुखता के साथ जनता के सामने रखा जाएगा।

Ami News
Author: Ami News

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