पठानकोट: भीख के पैसों से सड़कों के खड्डे भरवा रहा राजू भिखारी, प्रशासन पर खड़े किए सवाल
पठानकोट (विशेष संवाददाता): पठानकोट में सरकार और प्रशासन के विकास के दावों की पोल खोलती एक अनोखी तस्वीर सामने आई है। शहर के जाने-माने राजू भिखारी ने भीख मांगकर इकट्ठा किए पैसों से सड़कों के जानलेवा खड्डों को भरवाने का बीड़ा उठाया है।
लंबे समय से खस्ताहाल है डलहौजी रोड
पठानकोट के डलहौजी रोड (माखन के ढाबे के पास) पर काफी समय से बड़े-बड़े खड्डे बने हुए हैं। बारिश के दिनों में इन खड्डों में पानी भर जाने से लगातार हादसों का खतरा बना रहता है। आए दिन राहगीर और दोपहिया वाहन चालक इन खड्डों के कारण गिरकर घायल हो रहे थे। दुकानदारों और आम जनता को हो रही भारी परेशानी को देखते हुए राजू ने खुद इन खड्डों को पक्का करवाने का फैसला किया।
₹10-10 मांगकर जुटाते हैं रकम
राजू भिखारी लोगों से 10-10 रुपये मांगकर पैसे इकट्ठा करते हैं। इन्हीं पैसों से वह सीमेंट, बजरी और मजदूरों का पूरा खर्च उठाकर खड्डों को भरवा रहे हैं। उनके साथ काम कर रहे मिस्त्री ने भी बताया कि राजू अपने पास से पैसे खर्च करके यह जनसेवा का कार्य करवा रहे हैं।
“प्रशासन की जिम्मेदारी, लेकिन सेवा मेरा काम”
राजू ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा:
“यह काम तो प्रशासन का है। मेरा काम तो मांगकर लोगों की सेवा करना है। सड़क की हालत बहुत खराब थी, लोग गिर रहे थे, दुकानदारों को परेशानी थी। इसलिए मैंने खुद खड्डे भरवाने शुरू किए। पर दुख इस बात का है कि जिस दिन मैं काम करवाकर लौटा, रात को मेरा मोबाइल चोरी हो गया, जिसकी शिकायत देने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई।”
पहले भी बटोर चुके हैं सुर्खियां
राजू का मकसद कोई राजनीति करना नहीं, बल्कि केवल जरूरतमंदों की मदद करना है। इससे पहले कोरोना महामारी और लॉकडाउन के समय भी राजू ने जरूरतमंदों को राशन और मास्क बांटकर खूब सुर्खियां बटोरी थीं। उनकी इस निस्वार्थ समाज सेवा की सराहना खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कर चुके हैं।
बड़ा सवाल: जिम्मेदार विभाग कब जागेगा?
इस घटना के बाद शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब एक भिखारी अपने स्तर पर सड़कों के खड्डे भरवा सकता है, तो करोड़ों का बजट रखने वाला संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन अपनी जिम्मेदारी कब निभाएगा?











