सुप्रीम कोर्ट से कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को बड़ा झटका, मेडिकल आधार पर दाखिल जमानत याचिका खारिज
एम्स (AIIMS) की मेडिकल रिपोर्ट के बाद शीर्ष अदालत का राहत देने से इनकार; गुरुग्राम जेल में ही रहेंगे AAP विधायक
पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री और लुधियाना पश्चिमी से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक संजीव अरोड़ा को सर्वोच्च न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य कारणों (मेडिकल आधार) पर दायर उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की मेडिकल बोर्ड रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद अदालत ने उन्हें अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। इस फैसले के बाद संजीव अरोड़ा को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।
एम्स रिपोर्ट बनी आधार
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एम्स के डॉक्टरों के एक दल ने संजीव अरोड़ा की सेहत का परीक्षण किया था। एम्स की रिपोर्ट में उनकी स्थिति को चिकित्सीय रूप से स्थिर (Clinically Stable) बताया गया। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के आश्वासन और एम्स की रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए याचिका खारिज कर दी। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया है कि आवश्यकता पड़ने पर जेल प्रशासन और संबंधित अधिकारी उन्हें हर संभव बेहतर चिकित्सा सुविधा (जिसमें एंजियोग्राफी भी शामिल है) उपलब्ध कराएंगे।
निचली अदालत से भी झटका: घर का खाना और वाटर कूलर की अर्जी भी खारिज
इससे पहले, गुरुग्राम की निचली अदालत से भी संजीव अरोड़ा को राहत नहीं मिल सकी थी। उन्होंने जेल में स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का हवाला देते हुए ‘घर का खाना’ (Home Cooked Food) उपलब्ध कराने और ‘वाटर कूलर’ की सुविधा दिए जाने की मांग की थी। अदालत ने इन दोनों याचिकाओं को खारिज कर दिया था।
क्या है पूरा मामला?
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- मामला: भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA Case)।
- आरोप: मोबाइल फोन की फर्जी खरीद-बिक्री के जरिए ₹100 करोड़ से अधिक के कथित जीएसटी (GST) घोटाले और शेल कंपनियों के जरिए वित्तीय अनियमितता का आरोप।
- वर्तमान स्थिति: मामले में ईडी (ED) की जांच जारी है और संजीव अरोड़ा गुरुग्राम जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।
आगे की सुनवाई: संजीव अरोड़ा की नियमित जमानत याचिका (Regular Bail Plea) पर अब पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होनी तय है।











