पंजाब बंद: वाल्मीकि समाज और सफाई कर्मचारियों के समर्थन में उतरा पठानकोट, गांधी चौक बाजार पूरी तरह बंद
पठानकोट : 22 जुलाई को बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में वाल्मीकि समाज और सफाई कर्मचारी संघ द्वारा आयोजित ‘पंजाब बंद’ का मिला-जुला और असरदार प्रभाव पठानकोट में देखने को मिला। शहर के दिल कहे जाने वाले गांधी चौक और प्रमुख बाजारों में अधिकांश दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे।
व्यापारियों का समर्थन और बाजारों में सन्नाटा
रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय व्यापारी वर्ग ने सफाई कर्मचारियों की मांगों और वाल्मीकि समाज द्वारा बुलाए गए इस बंद को अपना पूर्ण समर्थन दिया है। गांधी चौक मार्केट सहित मुख्य बाजारों की अधिकांश दुकानें बंद रहीं। हालांकि, सड़कों पर इक्का-दुक्का दुकानें खुली नजर आईं, लेकिन मुख्य बाजार सूने रहे।
आम जनता और दिहाड़ी मजदूरों पर असर
बंद के कारण आम लोगों और दिहाड़ी मजदूरों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई लोग, जिन्हें बंद की पूर्व जानकारी नहीं थी, कड़कती गर्मी में खरीदारी या इलाज के सिलसिले में बाजार पहुंचे और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
स्थानीय बुजुर्ग की आपबीती: > “मुझे पंजाब बंद की कोई जानकारी नहीं थी। 15 दिनों से बीमार हूँ और इलाज के लिए शहर आया था। इतनी गर्मी में दवा और काम के सिलसिले में भटकना पड़ रहा है।”
इंसाफ की मांग
सफाई कर्मचारी संघ और वाल्मीकि समाज का कहना है कि प्रशासन द्वारा कर्मचारियों पर किया गया लाठीचार्ज सरासर अन्यायपूर्ण था। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि पीड़ित कर्मचारियों को तुरंत न्याय दिया जाए और उनकी जायज मांगों को स्वीकार किया जाए।












