एमपी सरकार से वार्ता के बाद खत्म हुआ किसानों का आंदोलन: मूंग की 60 फीसदी खरीद और तारीख बढ़ाने का ऐलान
30 जुलाई से 10 अगस्त तक होगी स्लॉट बुकिंग, उपार्जन की अंतिम तिथि अब 20 अगस्त; ई-टोकन व्यवस्था सुधार के लिए बनेगी समिति
भोपाल: मध्यप्रदेश सरकार और आंदोलनरत किसानों के बीच बुधवार को हुई वार्ता के बाद राज्य में जारी किसान प्रदर्शन खत्म हो गया। मुख्यमंत्री आवास के समीप डटे किसानों ने सरकार के आश्वासनों और घोषणाओं के बाद अपना आंदोलन समाप्त करने की आधिकारिक घोषणा की।
सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के मूंग उत्पादक पात्र किसानों की उपज के उपार्जन की सीमा को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने की घोषणा की है। इसके साथ ही मूंग खरीदी की अंतिम तिथि 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त कर दी गई है।
उपार्जन और स्लॉट बुकिंग की नई तिथियां
सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, किसानों को राहत देने के लिए स्लॉट बुकिंग और खरीदी की समय-सीमा में विस्तार किया गया है:
- स्लॉट बुकिंग: पूर्व निर्धारित तिथि 30 जुलाई को बढ़ाकर अब 10 अगस्त कर दिया गया है।
- मूंग उपार्जन (खरीदी): पूर्व निर्धारित तिथि 10 अगस्त को बढ़ाकर अब 20 अगस्त कर दिया गया है।
नर्मदापुरम, सीहोर एवं हरदा जैसे प्रमुख मूंग उत्पादक जिलों में लगभग तीन क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन करने वाले किसानों के लिए यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक किसानों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिले।
रोशनपुरा चौराहे से घर लौटे किसान
आंदोलन में शामिल राष्ट्रवादी किसान आर्मी के प्रदेश संयोजक प्रतीक शर्मा ने बताया कि किसान सरकार के फैसलों से संतुष्ट हैं और सभी किसान संगठनों ने सहमति से प्रदर्शन समाप्त किया है।
इसके तुरंत बाद भोपाल प्रशासन और पुलिस विभाग ने रोशनपुरा चौराहे पर मौजूद किसानों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुँचाने के लिए बसों और वाहनों का प्रबंध किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान के अनुसार, किसान सरकार की घोषणाओं से सहमत हैं और व्यवस्था की गई बसों के जरिए अपने-अपने जिलों और घरों के लिए रवाना हो रहे हैं।
ई-टोकन व्यवस्था में सुधार के लिए समिति गठित
खाद वितरण में लागू ई-टोकन व्यवस्था से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं और शिकायतों को देखते हुए सरकार ने दो बड़े कदम उठाए हैं:
- तत्काल स्थगन: जब तक समिति सुधार के सुझाव नहीं देती, तब तक ई-टोकन व्यवस्था से खाद वितरण तत्काल प्रभाव से स्थगित रहेगा।
- विशेष समिति: ई-टोकन प्रक्रिया की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की जाएगी, जो अपनी अनुशंसाएं सरकार को सौंपेगी। इन्हीं सुझावों के आधार पर व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
कृषि मंत्री का बयान: ‘अन्नदाता राज्य की अर्थव्यवस्था का आधार’
राज्य के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सदैव किसानों के हित में समर्पित रही है। अन्नदाता हमारी अर्थव्यवस्था और समृद्धि की रीढ़ हैं और सरकार उनके परिश्रम का उचित मूल्य दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने आगे कहा कि ई-टोकन प्रणाली राज्य शासन का एक महत्वपूर्ण सुधार है और समिति की रिपोर्ट के आधार पर इसे और अधिक व्यावहारिक व किसान-अनुकूल बनाया जाएगा।











