काला सागर में फिर भड़की हिंसा: ओडेसा बंदरगाह पर मर्चेंट शिप पर हमला, 2 भारतीय लापता
ब्लैक सी (काला सागर) क्षेत्र में रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। यूक्रेन के बेहद महत्वपूर्ण ओडेसा बंदरगाह पर खड़े एक व्यापारिक जहाज (मर्चент शिप) ‘एमवी एजीएन राग्नार’ (MV AGN RAGNAR) पर हमला किया गया है।
इस घटना ने भारतीय एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि हमले के वक्त जहाज पर चार भारतीय नागरिक सवार थे।
भारतीय दूतावास का बयान: दो सुरक्षित, दो की तलाश जारी
यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति की पुष्टि की है:
- सुरक्षित नागरिक: जहाज पर सवार चार में से दो भारतीय पूरी तरह सुरक्षित हैं।
- लापता नागरिक: शेष दो भारतीय नागरिकों के बारे में फिलहाल कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है।
दूतावास ने बताया कि वे यूक्रेनी अधिकारियों और रेस्क्यू टीमों के साथ लगातार संपर्क में हैं। लापता भारतीयों का पता लगाने के लिए खोज एवं बचाव अभियान (Search and Rescue Operation) तेजी से चलाया जा रहा है।
“दूतावास पूरी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है। लापता भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द ढूंढने और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रयास जारी हैं।” > — भारतीय दूतावास, यूक्रेन
हमले के कारण और विवरण अभी अस्पष्ट
फिलहाल इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है कि जहाज पर हमला किस माध्यम (मिसाइल या ड्रोन) से किया गया और इसके पीछे मुख्य वजह क्या थी। इसके अलावा, जहाज पर कुल क्रू मेंबर्स की संख्या तथा चारों भारतीयों के नाम और उनके पदों की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
व्यापारिक जहाजों पर बढ़ता खतरा
ओडेसा, काला सागर क्षेत्र में यूक्रेन का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण व्यापारिक बंदरगाह है। वर्ष 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से यह क्षेत्र लगातार हमलों का निशाना बनता रहा है।
हाल के महीनों में कई कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के कारण अंतर्राष्ट्रीय समुद्री व्यापार (International Maritime Trade) और नाविकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।











