मिंजर मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या में इशांत भारद्वाज के सुरों ने बांधा समां
राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने किया भव्य शुभारंभ, चौगान मैदान में उमड़ा जनसैलाब
चंबा ऐतिहासिक एवं अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या का शनिवार शाम भव्य एवं रंगारंग आगाज हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। राज्यपाल ने दीप प्रज्वलित कर प्रथम सांस्कृतिक संध्या का विधिवत उद्घाटन किया।
कार्यक्रम में राज्यपाल के साथ हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, सदर विधायक नीरज नैयर सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और गणमान्य अतिथि विशेष रूप से मौजूद रहे।
रंगारंग प्रस्तुतियों से झूमा चौगान मैदान
सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ विभिन्न राज्यों एवं हिमाचल के स्थानीय कलाकारों द्वारा दी गई शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। कलाकारों ने हिमाचली लोक गीतों, पंजाबी, हरियाणवी और सदाबहार फ़िल्मी गीतों से ऐसा समां बांधा कि पूरा चौगान मैदान दर्शकों की तालियों से गूंज उठा।
इशांत भारद्वाज की गायकी रही आकर्षण का केंद्र
प्रथम सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध लोकगायक इशांत भारद्वाज रहे। इशांत भारद्वाज ने अपने एक से बढ़कर एक लोकप्रिय पहाड़ी और लोक गीतों की प्रस्तुति से दर्शकों को देर रात तक झूमने पर मजबूर कर दिया।
विरासत और परंपरा का संगम
रंग-बिरंगी लाइटों, सुरीले संगीत और लोक संस्कृति की अद्भुत छटा के बीच आयोजित इस पहली सांस्कृतिक संध्या ने मिंजर मेले के भव्य आगाज का संदेश दिया। मेले में उमड़ी भारी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि चंबा का ऐतिहासिक मिंजर मेला आज भी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं के कारण लोगों के दिलों में एक खास पहचान रखता है।













