विदेश भेजने के नाम पर ठगी: हिमाचल के ट्रैवल एजेंट पर पठानकोट में एफआईआर दर्ज

पठानकोट : पठानकोट पुलिस ने विदेश भेजने का झांसा देकर एक युवक से लाखों रुपये और असली पासपोर्ट हड़पने के आरोप में हिमाचल प्रदेश के एक ट्रैवल एजेंट के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आर्थिक अपराध शाखा (EOU) की लंबी और गहन जांच के बाद पुलिस ने यह कानूनी कार्रवाई अमल में लाई है। आरोपी की पहचान हिमाचल प्रदेश के ज्वालाजी निवासी रोहित राणा के रूप में हुई है, जो वर्तमान में सेक्टर-20ए, चंडीगढ़ में रह रहा है।

स्लोवाकिया और जॉर्जिया भेजने का दिखाया था सपना
पुलिस को दी गई शिकायत में पठानकोट निवासी हारून गिल ने बताया कि उसने स्लोवाकिया जाने के लिए गुरप्रीत सिंह नाम के एक व्यक्ति के माध्यम से ट्रैवल एजेंट रोहित राणा से संपर्क किया था। आरोपी रोहित राणा ने हारून को अपने झांसे में ले लिया। उसने पीड़ित को पहले स्लोवाकिया और बाद में वहां से जॉर्जिया भेजने का बड़ा सपना दिखाया, जिसके बाद पीड़ित उसकी बातों में आ गया।
दो किस्तों में ऐंठे रुपये, असली पासपोर्ट भी रखा
आरोपी के झांसे में आकर पीड़ित हारून गिल ने गुरप्रीत सिंह के जरिए पहली किस्त के रूप में ₹1.10 लाख (मूल पाठ में सुधार: कुल 1.34 लाख के गणित के अनुसार) और बाद में ₹24 हजार रुपये सीधे आरोपी रोहित राणा को दिए। इस तरह आरोपी ने पीड़ित से कुल ₹1.34 लाख की राशि ऐंठ ली और साथ ही उसका असली पासपोर्ट भी अपने पास जमा करवा लिया।
न विदेश भेजा, न लौटाए पैसे और पासपोर्ट
पीड़ित गिल ने पुलिस को बताया कि पैसे और दस्तावेज लेने के बाद आरोपी लगातार टालमटोल करने लगा। काफी समय बीत जाने के बाद भी आरोपी ने न तो पीड़ित को विदेश भेजने का कोई प्रबंध किया और न ही उसके पैसे और असली पासपोर्ट वापस किए। जब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ, तो उसने इसकी शिकायत पुलिस के उच्चाधिकारियों से की।

आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद मामला दर्ज
धोखाधड़ी की शिकायत मिलने पर पठानकोट की आर्थिक अपराध शाखा ने मामले की गहनता से इंक्वायरी की। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद थाना डिवीजन नंबर-2, पठानकोट में एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस ने आरोपी रोहित राणा के खिलाफ निम्नलिखित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है:
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा: 316(2) एवं 318(4)
- इमिग्रेशन एक्ट की धारा: 24
पुलिस का बयान: फिलहाल मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।








