निकाय चुनाव के नतीजे सुक्खू सरकार के खिलाफ जनमत संग्रह: राजीव बिंदल
बिंदल का कांग्रेस पर तंज— ‘जिसने उम्मीदवार घोषित नहीं किए, वो जीत का दावा कैसे कर रही है?’

शिमला: हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने राज्य के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन को ‘ऐतिहासिक जीत’ करार दिया है। सोमवार को शिमला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बिंदल ने कहा कि ये चुनाव नतीजे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनता का स्पष्ट जनमत संग्रह हैं।
भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के भरोसे की जीत
राजीव बिंदल ने दावा किया कि निकाय चुनाव के परिणाम साफ तौर पर दर्शाते हैं कि प्रदेश की जनता का भाजपा में अटूट विश्वास है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय पार्टी कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत और संगठनात्मक ताकत को दिया। बिंदल ने कहा:
”इस जनादेश ने कांग्रेस सरकार की ‘झूठी गारंटियों’, नाकामियों और जनविरोधी नीतियों का पूरी तरह पर्दाफाश कर दिया है। जनता ने वर्तमान सरकार को नकार दिया है।”

कांग्रेस के जीत के दावे पर उठाए सवाल
कांग्रेस द्वारा चुनाव में जीत का दावा करने पर हैरानी जताते हुए भाजपा अध्यक्ष ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह हास्यास्पद है कि जो पार्टी अपने उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची तक जारी नहीं कर पाई, वह आज खुद को विजेता के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है।
बिंदल ने याद दिलाया कि कांग्रेस नेतृत्व ने खुद चुनावों से पहले घोषणा की थी कि पार्टी कोई आधिकारिक उम्मीदवार घोषित नहीं करेगी और सभी स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने सवाल उठाया:
- ”जिस पार्टी ने अपने सिंबल या नाम पर उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की, वह किस आधार पर जीत का दावा कर रही है?”
- ”कांग्रेस का यह स्टैंड जनता को गुमराह करने और भ्रम में डालने वाला है।”

भाजपा का आकलन: हर विरोधी उम्मीदवार था ‘कांग्रेस-समर्थित’
डॉ. बिंदल ने स्पष्ट किया कि भाजपा चुनाव नतीजों का बेहद पारदर्शी तरीके से विश्लेषण कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने चुनाव मैदान में भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ लड़ने वाले सभी प्रत्याशियों को कांग्रेस-समर्थित उम्मीदवार मानकर ही अपना आकलन तैयार किया है। भाजपा जनता के प्रति जवाबदेह है, इसलिए वह असली जनमत के आधार पर रिपोर्ट सामने रख रही है।

चुनाव टालने की कोशिश का लगाया आरोप
मुख्यमंत्री सुक्खू पर निशाना साधते हुए बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने शहरी स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों में जानबूझकर देरी करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि ये नगर निगम चुनाव अक्टूबर-नवंबर 2025 में ही संपन्न हो जाने चाहिए थे और उस समय राज्य चुनाव आयोग इसके लिए पूरी तरह तैयार भी था, लेकिन सरकार हार के डर से पीछे हट रही थी।







