ISI समर्थित भट्टी नेटवर्क पर पंजाब पुलिस का बड़ा प्रहार; राज्यव्यापी सर्च ऑपरेशन में दर्जनों संदिग्ध हिरासत में
- दुबई में बैठकर सोशल मीडिया के जरिए बेरोजगार युवाओं को जाल में फंसा रहा है शहजाद भट्टी।
- लुधियाना और जालंधर से कुल 35 संदिग्धों को पुलिस ने किया राउंडअप।
- नशे और पैसों का लालच देकर युवाओं को बनाया जा रहा था ‘टेरर कूरियर’।
पंजाब में सक्रिय पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) समर्थित कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए बुधवार को पंजाब पुलिस ने राज्यव्यापी बड़ी कार्रवाई की। राज्य के विभिन्न जिलों में एक साथ चलाए गए ‘सर्च ऑपरेशन’ के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में ऐसे संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनके भट्टी के इशारे पर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का अंदेशा है। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य पंजाब के युवाओं को अपराध और आतंकवाद की दलदल में फंसने से रोकना है।

सोशल मीडिया: भट्टी का घातक हथियार
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गैंगस्टर शहजाद भट्टी वर्तमान में दुबई में बैठकर अपना नेटवर्क चला रहा है। वह सोशल मीडिया (फेसबुक, इंस्टाग्राम) के जरिए पंजाब के बेरोजगार युवाओं को अपना निशाना बना रहा है। हिरासत में लिए गए अधिकांश युवक भट्टी के फॉलोअर्स थे और उसके भड़काऊ वीडियो को लगातार शेयर कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, भट्टी इन युवाओं को पैसे और नशे का लालच देकर ड्रग्स तस्करी, अवैध हथियारों की सप्लाई और आतंकी गतिविधियों के लिए बतौर ‘कूरियर’ इस्तेमाल करता है।

प्रमुख जिलों में पुलिस की दबिश
खुफिया विभाग से मिली इनपुट के आधार पर बुधवार सुबह पुलिस की विशेष टीमों ने संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की:
- लुधियाना: पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने पुष्टि की कि शहर के विभिन्न इलाकों से 18 संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
- जालंधर: यहां से भी पुलिस ने लगभग 17 संदिग्धों को राउंडअप किया है।

हैंडल ब्लॉक होने पर भी नहीं रुक रहा नेटवर्क
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच एजेंसियां भट्टी के कई सोशल मीडिया अकाउंट्स पहले ही ब्लॉक करवा चुकी हैं, लेकिन वह शातिर तरीके से नए हैंडल बनाकर युवाओं को जाल में फंसा लेता है। हिरासत में लिए गए युवाओं से फिलहाल गहन पूछताछ की जा रही है कि वे भट्टी के संपर्क में कब से थे और किन-किन वारदातों को अंजाम देने की फिराक में थे।
“हमारा मकसद इस खतरनाक नेटवर्क की जड़ें काटना है। इस अभियान से न केवल भविष्य के अपराधों को रोकने में मदद मिलेगी, बल्कि युवाओं को भी सतर्क किया जा सकेगा।”
— वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, पंजाब









