रामपुर: महात्मा गांधी मेमोरियल नर्सिंग संस्थान में फूटा गुस्सा, 17 छात्राएं टीबी संक्रमित
अभिभावकों ने किया प्रिंसिपल का घेराव; जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

रामपुर बुशहर (शिमला):हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला के रामपुर स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल नर्सिंग संस्थान में उस समय हड़कंप मच गया, जब संस्थान की करीब 17 प्रशिक्षु नर्सों के टीबी (तपेदिक) से संक्रमित होने का खुलासा हुआ। इस खबर के फैलते ही शनिवार को संस्थान परिसर में भारी हंगामा हुआ। आक्रोशित अभिभावकों और भाजपा नेता कौल सिंह नेगी ने कॉलेज की प्रिंसिपल का घेराव किया और संस्थान की व्यवस्थाओं पर गंभीर आरोप लगाए।
कुप्रबंधन और सुविधाओं के अभाव के आरोप
छात्राओं के परिजनों ने संस्थान प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि संस्थान में भारी अव्यवस्था फैली हुई है। एक अभिभावक ने बताया, “मेरी बेटी पिछले चार-पांच महीनों से टीबी से जूझ रही है। हम भारी भरकम शुल्क चुका रहे हैं, लेकिन बच्चों को न तो पौष्टिक भोजन मिल रहा है और न ही रहने की उचित सुविधाएं।”
यही नहीं, अभिभावकों ने यह भी चौंकाने वाला आरोप लगाया कि संस्थान में छात्राओं पर धार्मिक आस्था के नाम पर दबाव बनाया जा रहा है और उनसे अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं, जिससे छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
प्रिंसिपल के जवाब से भड़के लोग
भाजपा नेता कौल सिंह नेगी ने एसडीएम (SDM) की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि संस्थान की कार्यप्रणाली में 20 से अधिक गंभीर खामियां पाई गई हैं। हंगामे के दौरान जब प्रिंसिपल से 17 छात्राओं के संक्रमित होने पर सवाल किया गया, तो उन्होंने जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया। प्रिंसिपल के इस गैर-जिम्मेदाराना जवाब ने प्रदर्शनकारियों के गुस्से को और भड़का दिया।

पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने सरकार को घेरा
इस मामले ने अब राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:
”एक तरफ केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जरिए टीबी उन्मूलन के लिए करोड़ों खर्च कर रही है, वहीं हिमाचल में इस अभियान की पोल खुल गई है। नर्सिंग संस्थान में 20 प्रतिशत छात्राओं का संक्रमित होना प्रदेश सरकार की उदासीनता का प्रमाण है। यह अत्यंत निंदनीय है।”
ठाकुर ने मुख्यमंत्री से मांग की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए जाएं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

एसडीएम और चिकित्सा अधीक्षक से शिकायत
प्रभावित छात्राओं के परिजनों ने चिकित्सा अधीक्षक (खनेरी) और एसडीएम रामपुर को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। फिलहाल, संस्थान में तनाव का माहौल बना हुआ है और प्रशासन की ओर से विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।








