मोगा नगर निगम चुनाव: ‘वारिस पंजाब दे’ ने ठोंकी चुनावी ताल, सभी 50 वार्डों में उतारेगी उम्मीदवार

मोगा : पंजाब की सियासत में नगर निगम चुनावों को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ ने मोगा नगर निगम चुनाव लड़ने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह नगर निगम के सभी 50 वार्डों में अपने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारेगी, जिनके नामों की घोषणा जल्द ही की जाएगी।
सांसद और संरक्षक की मंजूरी के बाद फैसला
पार्टी के हलका इंचार्ज रछपाल सिंह सोसन ने एक प्रेस बयान जारी कर बताया कि चुनाव लड़ने का यह महत्वपूर्ण निर्णय पार्टी के संरक्षक बापू तरसेम सिंह और सांसद सरबजीत सिंह खालसा की मंजूरी के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी मजबूती के साथ इन चुनावों में उतरेगी।

सर्वधर्म और महिलाओं को प्रतिनिधित्व
टिकट वितरण की नीति स्पष्ट करते हुए सोसन ने कहा कि पार्टी उम्मीदवारों के चयन में ‘साफ छवि’ को प्राथमिकता देगी।
- विविधता: हिंदू, सिख, ईसाई और मुस्लिम समुदायों को बराबर का सम्मान दिया जाएगा।
- सशक्तिकरण: महिलाओं को भी चुनावी दंगल में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलेगा।
व्यापारियों की सुरक्षा और विकास मुख्य एजेंडा
व्यापारियों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए रछपाल सिंह सोसन ने कहा:
”यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले हिंदू व्यापारियों को आज गैंगस्टरों से धमकियां मिल रही हैं। मैं खुद एक व्यापारी हूं और उनकी समस्याओं व डर को गहराई से समझता हूं।”

चुनाव के प्रमुख मुद्दे:
पार्टी ने अपने चुनावी अभियान के लिए तीन मुख्य स्तंभ निर्धारित किए हैं:
- व्यापारिक सुरक्षा: व्यापारियों को भयमुक्त माहौल प्रदान करना और उनके कारोबार से जुड़े मुद्दों का समाधान।
- नशा मुक्ति: मोगा शहर से ड्रग्स के खात्मे के लिए कड़े कदम उठाना।
- सर्वांगीण विकास: शहर के बुनियादी ढांचे और हर वर्ग के उत्थान के लिए काम करना।
अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ के इस चुनावी ऐलान ने मोगा की स्थानीय राजनीति में मुकाबला दिलचस्प बना दिया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि व्यापारियों और अल्पसंख्यकों को साथ लेकर चलने की यह रणनीति अन्य दलों के समीकरण बिगाड़ सकती है।







