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बांग्लादेश में राजनीतिक हिंसा: ‘इंक़लाब मंच’ के प्रवक्ता उस्मान हादी को गोली मारी, हालत नाज़ुक

शेख हसीना सरकार गिराने में थे शामिल; ढाका-8 से लड़ रहे थे चुनाव; मुख्य सलाहकार यूनुस ने जताई चिंता

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुक्रवार को एक बड़ी राजनीतिक हिंसा की घटना सामने आई है, जहाँ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के विरोधी और इस्लामिक संगठन ‘इंक़लाब मंच’ के प्रवक्ता उस्मान हादी को गोली मार दी गई। हादी गंभीर रूप से घायल हैं और उनकी हालत बेहद नाज़ुक बनी हुई है।

​🚨 हमले की घटना

​हादी दोपहर करीब 2:30 बजे बिजयनगर इलाके में रिक्शे से जा रहे थे।

​सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, पीछे से एक मोटरसाइकिल पर सवार दो हमलावर आए और उन्होंने नज़दीक से हादी पर गोली चला दी।

​हमलावर हेलमेट पहने हुए थे और कुछ ही सेकंड में वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।

​हादी के साथ दूसरे रिक्शे पर चल रहे ‘इंक़लाब मंच’ के कार्यकर्ता मोहम्मद रफी ने बताया कि वे जुमे की नमाज के बाद खाना खाने हाईकोर्ट इलाके की ओर जा रहे थे।

​घायल हादी को तुरंत ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया और बाद में उन्हें एवरकेयर अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया।

​🏥 चिकित्सकीय स्थिति अत्यंत गंभीर

​ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल के निदेशक ब्रिगेडियर जनरल असदुज्जमान ने बताया कि हादी के सिर में गोली लगी थी और उनके सीने व पैर में भी चोटें थीं।

​डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत बेहद नाज़ुक है। उन्हें दो बार कार्डियक अरेस्ट हुआ है और वह लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर हैं।

​सर्जरी पूरी होने के बावजूद उनकी जान बचाना मुश्किल बताया जा रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि गोली एक तरफ से घुसी और दूसरी तरफ से निकल गई, लेकिन कुछ छोटे टुकड़े दिमाग के अंदर रह गए थे, जिन्हें ऑपरेशन के दौरान निकाला गया।

​🗣️ राजनीतिक पृष्ठभूमि और ‘इंक़लाब मंच’

​उस्मान हादी छात्र-नेतृत्व वाले जुलाई-अगस्त 2024 के बड़े आंदोलन के बाद उभरे एक प्रभावशाली युवा नेता हैं, जिसने तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार को गिराया था।

​हादी उसी ‘इंक़लाब मंच’ के प्रवक्ता हैं, जो अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन के बाद एक संगठन के रूप में उभरा।

​यह संगठन अवामी लीग को आतंकवादी करार देने और उसे पूरी तरह खत्म करने की मांग करता रहा है।

​हादी आगामी 13वें संसदीय चुनाव में ढाका-8 निर्वाचन क्षेत्र से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके थे।

​उन्हें नवंबर 2025 में भी फेसबुक पर 30 विदेशी नंबरों से मौत की धमकियां मिल चुकी थीं।

​📢 मुख्य सलाहकार ने की निंदा

​इस घटना पर बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने गहरी चिंता जताई है।

​उन्होंने कहा कि चुनावी माहौल में इस तरह की हिंसा स्वीकार नहीं की जाएगी और यह देश के शांत राजनीतिक वातावरण के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।

​यूनुस ने सुरक्षा एजेंसियों को हमलावरों की जल्द पहचान कर कड़ी सज़ा देने का निर्देश दिया है।

​इस बीच, पलटन थाना प्रभारी मुस्तफा कमाल खान ने बताया कि रात 11:45 बजे तक इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं हुआ था और न ही किसी की गिरफ्तारी हुई थी। हालांकि, पुलिस हमलावरों को पकड़ने के लिए काम कर रही है।

Ami News
Author: Ami News

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