जिसका खेत उसकी रेत’ योजना तार-तार; नदी से सरेआम रेत चोरी, सरकार को लग रहा चूना

जिला पठानकोट के सहारनपुर में अवैध खनन (अवैध माइनिंग) का गोरखधंधा लगातार बेखौफ होकर जारी है। कई बार मीडिया द्वारा इस गंभीर मुद्दे को उठाने के बावजूद, खनन माफिया दिन-रात बिना किसी डर के अवैध रूप से खनन कर रहे हैं। एएमआई न्यूज़ को प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह अवैध गतिविधि रुकने का नाम नहीं ले रही है, जिससे सरकार की नीतियों और राजस्व को सरेआम चूना लगाया जा रहा है।
योजना की आड़ में कानून का उल्लंघन
खनन माफिया खुलेआम ‘जिसका खेत उसकी रेत’ योजना की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
यह अवैध खनन योजना की आड़ में लगातार बेरोकटोक जारी है।
जिससे सरकार की नीतियों और राजस्व को सरेआम चूना लगाया जा रहा है।
रात में मशीनों का इस्तेमाल, खेतों और नदियों में खनन
खनन माफिया न सिर्फ रात के अंधेरे में बल्कि दिन के उजाले में भी अवैध रूप से खनन को अंजाम दे रहे हैं।
यह भी खुलासा हुआ है कि रात के समय में बड़ी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सवाल यह है कि यदि खनन नदी के क्षेत्रों से किया जाना है, तो मशीनों का उपयोग और रात के समय में काम करने का क्या औचित्य है?
यह अवैध खनन खेतों में घुसकर किया जा रहा है, जिससे किसान और संबंधित योजनाएं सीधे तौर पर प्रभावित हो रही हैं।

प्रशासन पर उठे सवाल, एफआईआर महज औपचारिकता
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस संबंध में तीन से चार प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने के बावजूद अवैध खनन नहीं रुका है।
जब मीडिया द्वारा माइनिंग विभाग और प्रशासन के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने अक्सर मुलाकात से बचने की कोशिश की। उनके द्वारा बार-बार बाहर होने या मीटिंग में व्यस्त होने का बहाना बनाया गया।
यह संकेत देता है कि माइनिंग के अधिकारी इस गंभीर विषय पर बात करने से बच रहे हैं, या हो सकता है कि वे किसी सच को छिपाने की कोशिश कर रहे हों।
प्रशासन द्वारा जो भी कार्रवाई की जाती है, वह सिर्फ अज्ञात व्यक्तियों पर एफआईआर दर्ज करके ‘खानापूर्ति’ तक सीमित रह जाती है, जिससे यह अवैध धंधा लगातार फलता-फूलता जा रहा है।

एएमआई न्यूज़ ने समय-समय पर प्रशासन को इस स्थिति से अवगत कराया है, लेकिन माइनिंग विभाग और प्रशासन गहरी नींद में सोए हुए दिखाई दे रहे हैं, या सब कुछ देखते हुए भी अनदेखा कर रहे हैं।







