‘वंदे मातरम्’ पर वार-पलटवार: शाह बोले- इंदिरा सरकार ने ‘वंदे मातरम्’ बोलने वालों को जेल में डाला, कांग्रेस का कड़ा विरोध

नई दिल्ली: राज्यसभा में मंगलवार को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने के अवसर पर एक विशेष चर्चा हुई। इस चर्चा की शुरुआत करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पार्टी और उसके पूर्व नेताओं पर कई गंभीर आरोप लगाए, जिसके बाद सदन में ज़ोरदार हंगामा हुआ।
इंदिरा गांधी पर गंभीर आरोप
अमित शाह ने अपने संबोधन में आपातकाल का ज़िक्र करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब ‘वंदे मातरम्’ 100 साल का हुआ था, तब देश में आपातकाल लगा था। शाह ने दावा किया कि इंदिरा गांधी की सरकार ने ‘वंदे मातरम्’ बोलने वाले कई लोगों को जेल में डाल दिया था।

गृह मंत्री ने कहा, “वंदे मातरम् बोलने वालों को इंदिरा गांधी सरकार ने जेल में डाल दिया था।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आपातकाल के दौरान विपक्ष के नेताओं और कई संगठनों के लोगों को गिरफ्तार किया गया, अखबारों पर सेंसरशिप लगाई गई, और यहां तक कि आकाशवाणी पर किशोर कुमार के गाने भी बंद कर दिए गए थे। उन्होंने कहा, “वंदे मातरम् 100 साल का हुआ, लेकिन पूरा देश बंदी बन गया था।”
नेहरू और तुष्टिकरण पर निशाना
शाह ने चर्चा के दौरान देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि नेहरू जी ने तुष्टिकरण की नीति के कारण ‘वंदे मातरम्’ के दो टुकड़े किए थे। शाह ने दावा किया कि ‘वंदे मातरम्’ को लेकर विरोध उसी समय से शुरू हुआ था।
कांग्रेस पर चर्चा से भागने का आरोप
अमित शाह ने कांग्रेस पर चर्चा से भागने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ‘वंदे मातरम्’ पर चर्चा से बच रही है और इसे राजनीतिक मुद्दा बता रही है। शाह ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी भी मुद्दे पर बहस से नहीं डरती और अगर कांग्रेस चर्चा चाहती है तो उन्हें संसद का बहिष्कार बंद करना होगा।

कांग्रेस का सदन में हंगामा
अमित शाह के इन तीखे बयानों का कांग्रेस सांसदों ने कड़ा विरोध किया। शाह के आरोपों को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस सांसदों ने नेहरू और इंदिरा गांधी पर की गई टिप्पणियों को लेकर विरोध दर्ज कराया।







