बिक्रम सिंह मजीठिया को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, अब सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे

चंडीगढ़: अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की जमानत याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, लेकिन अदालत ने उन्हें कोई राहत नहीं दी है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत न मिलने के बाद अब मजीठिया को जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।
मामले की पृष्ठभूमि:
मजीठिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई की गई थी।
वह न्यायिक रिमांड के तहत नाभा जेल में बंद हैं।
विजिलेंस ने उन्हें 25 जून को गिरफ्तार किया था।
हाईकोर्ट ने 20 नवंबर को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
गिरफ्तारी के बाद 26 जनवरी को मोहाली कोर्ट में पेश कर उन्हें 7 दिन का विजिलेंस रिमांड मिला था।

रिमांड के दौरान उनसे पूछताछ के लिए उन्हें शिमला भी ले जाया गया था। बाद में, अदालत ने उन्हें मोहाली की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

यह मामला बिक्रम सिंह मजीठिया के लिए एक बड़ी कानूनी चुनौती बना हुआ है, और अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं कि उन्हें वहां से कोई राहत मिलती है या नहीं।







