उत्तर और मध्य भारत में बर्फीली हवाओं का सितम! दिल्ली-एनसीआर में ‘येलो अलर्ट’, कश्मीर में पारा -4°C तक पहुंचा

दिल्ली-एनसीआर में शीत लहर का खतरा
उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में तापमान में अचानक और तेज़ गिरावट आई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली-एनसीआर, महाराष्ट्र के उत्तरी-पश्चिमी भाग और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में शीतलहर (Cold Wave) की स्थिति बनने की चेतावनी दी है।
राजधानी दिल्ली-एनसीआर में ठंड लगातार बढ़ रही है। 4 दिसंबर 2025 के लिए IMD ने शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है। आज यहाँ न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं, 5 दिसंबर 2025 को भी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में शीतलहर चलने की संभावना है। 3 दिसंबर को राजधानी का न्यूनतम तापमान 7°C दर्ज किया गया था।

पहाड़ों में बर्फीला कहर, मैदानी इलाकों तक असर
हिमाचल प्रदेश और कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फबारी जारी है। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 4 डिग्री (-4°C) तक पहुँच गया है। कुछ क्षेत्रों में तो यह -18°C तक गिर चुका है, जिससे यहाँ स्थिति और भी कठोर हो गई है। बर्फबारी के कारण रोहतांग जैसे कई रास्ते एहतियातन बंद कर दिए गए हैं, और ऊंचाई वाले गांवों में पानी तक जम गया है।
पहाड़ों में हुई इस भारी बर्फबारी से ठंडी और बर्फीली हवाएं अब मैदानी राज्यों तक पहुँच रही हैं। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में तापमान में तेज़ी से गिरावट आई है।
उत्तर प्रदेश और राजस्थान में पारा सामान्य से नीचे
उत्तर प्रदेश में भी सर्दी का असर तेज़ हो चुका है। 4 दिसंबर 2025 को यहाँ न्यूनतम तापमान 8°C रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच पूरे उत्तर और मध्य भारत में तापमान सामान्य से कम रहने और अधिक शीतलहर वाले दिनों की संभावना है। सुबह के समय घना कोहरा भी छा सकता है।
राजस्थान में ठंड ने इस बार जल्दी दस्तक दी है। यहाँ कई जिलों में तापमान तेज़ी से गिरा है और शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया गया है। सीकर के फतेहपुर शेखावाटी में न्यूनतम तापमान लगभग 3°C दर्ज किया गया है। माउंट आबू में भी पारा शून्य के आसपास पहुँच रहा है। IMD ने चूरू, झुंझुनू और सीकर जिलों में अगले कुछ दिनों के लिए शीतलहर का अलर्ट बरकरार रखा है।

ला नीना (La Niña) प्रभाव से कड़ाके की सर्दी की आशंका
मौसम विभाग का कहना है कि ला नीना प्रभाव (La Niña Effect) के कारण इस साल की सर्दी पिछले कई सालों की तुलना में ज्यादा कड़ाके की हो सकती है। ला नीना की स्थिति अक्सर उत्तरी भारत में सामान्य से अधिक ठंडे मौसम और तेज़ शीतलहर को बढ़ावा देती है।







