सैंज घाटी में अफीम की खेती पर पुलिस का सर्जिकल स्ट्राइक; 955 पौधे नष्ट
फबियारी गांव में दो अलग-अलग खेतों में छापेमारी, एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज

कुल्लू/सैंज : कुल्लू जिले की सैंज घाटी में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। घाटी के दुर्गम क्षेत्रों में चल रहे काले कारोबार को जड़ से उखाड़ने के लिए पुलिस विभाग अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है। इसी कड़ी में सैंज पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए तहसील सैंज की तलाड़ा पंचायत के फबियारी गांव में अफीम की अवैध खेती का पर्दाफाश किया है।
थाना प्रभारी छजू राम के नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीमों ने गोपनीय सूचना के आधार पर मौके पर दबिश दी और कुल 955 अफीम के पौधों को बरामद कर उन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया।

दो टीमों की संयुक्त कार्रवाई, दो स्थानों पर दबिश
नशे के खिलाफ इस अभियान को सफल बनाने के लिए पुलिस ने दो अलग-अलग टीमें गठित की थीं:
- पहली टीम: मुख्य आरक्षी राजिंदर और आरक्षी अमन की टीम ने एक खेत से 240 प्रतिबंधित पौधे बरामद किए।
- दूसरी टीम: मुख्य आरक्षी मनोज और आरक्षी अभिषेक की टीम ने दूसरे स्थान पर छापेमारी कर 715 अफीम के पौधों की बड़ी खेप पकड़ी।

मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस ने इस मामले में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 18 के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। अब जांच का केंद्र दो मुख्य बिंदुओं पर है:
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- दुर्गम पहाड़ियों की आड़ में इस अवैध धंधे को संरक्षण देने वाले असली मास्टरमाइंड की पहचान करना।
- राजस्व विभाग की मदद से यह पता लगाना कि जिस जमीन पर खेती हो रही थी, वह वन विभाग की है या किसी की निजी संपत्ति।
“नशे के खिलाफ हमारी जंग जारी है। फबियारी में हुई यह कार्रवाई तो बस एक शुरुआत है। घाटी के हर संदिग्ध हिस्से में तलाशी अभियान और तेज किया जाएगा। नशा तस्करी में संलिप्त किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।” > — मदन लाल कौशल, पुलिस अधीक्षक (SP), कुल्लू

जनता से अपील
एसपी कुल्लू ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे नशे के खिलाफ इस अभियान में पुलिस का साथ दें। यदि कहीं भी अवैध खेती या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें ताकि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।







